
मरीज बनकर अस्पताल पहुंची डिप्टी कलेक्टर, पहचान छुपाकर 10 हजार रुपए में किया सौदा; अब हड़ताल में डॉक्टर
ग्वालियर। अवैध तरीके से गर्भपात व भ्रूण परीक्षण करने वाली मेडीकल कॉलेज की सह प्राध्यापक डॉ. प्रतिभा गर्ग को डिप्टी कलेक्टर दीपशिखा भगत ने पकड़ लिया। वे मरीज बनकर उनके घर स्थित निजी क्लीनिक पर पहुंची थी। स्टिंग के दौरान जो भी बातचीत दोनों के बीच हुई है वह डिप्टी कलेक्टर के पास रिकार्ड है।
कार्रवाई के विरोध में निजी व सरकारी दोनों डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। वहीं इस मामले में पुलिस व प्रशासन पर डॉक्टर आम जनता को अपनी ढाल बनाकर दबाव बना रहे हैं। रविवार को शहर भर के प्रायवेट क्लीनिक बंद रखे गए हैं। जिससे आम जनता व अन्य जिलों से इलाज के लिए ग्वालियर आने वाले मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। हालांकी जयारोग अस्पताल में इमरजेंसी सेवा चालू है। जिसमें जाकर मरीज अपना ईलाज करा सकता है।
डिप्टी कलेक्टर दीपशिखा भगत ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज की स्त्री एवं सह प्राध्यापक डॉ. प्रतिभा गर्ग का स्टिंग उनके निजी क्लीनिक में कर लिया। ग़र्भवती बनकर दीपशिखा ने डॉ.प्रतिभा से भ्रूण परीक्षण और अवैध गर्भपात कराने की बातचीत की। सौदा तय होते ही उन्होने पुलिस बुलवाकर उन्हें थाने भिजवा दिया। इससे शहर भर के डॉक्टरों में हडक़ंप मच गया। शाम तक थाना परिसर में डॉक्टर जमा हो गए। डॉक्टरों के दबाव में आए प्रशासन ने रात लगभग 8.30 बजे डॉ.प्रतिभा गर्ग को बिना एफआईआर के ही घर जाने दिया। इसके कुछ देर बाद शहर के डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल प चले गए। डॉक्टरों ने डिप्टी कलेक्टर को निलंबित करने और उनके खिलाफ एफआईआर की मांग की है। वहीं,डॉ.गर्ग को देर रात आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
थाने में जुटे डॉक्टर
डॉ.प्रतिभा को विश्वविद्यालय पुलिस थाने में बैठाने की खबर फैलते ही शहर के तमाम डॉक्टर थाने पहुंचने लगे। 50 डॉक्टर कलेक्टर से मिलने भी गए। एसडीएम, एडीएम,एडीशनल एसपी और सीएसपी थाने में हालात को संभालने में जुटे रहे।
डॉ.प्रतिभा आईसीयू में भर्ती : रात को जयारोग्य पहुंची डॉ. प्रतिभा गर्ग को चेस्ट में दर्द होने पर जयारोग्य चिकित्सालय के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। उन्हें अस्पताल में चक्कर आ रहे थे।
मुझे और मेरे पति को डिप्टी कलेक्टर भगत ने धमकाया: डॉ. गर्ग
मेडिकल कॉलेज की सहायक प्राध्यापक डॉ.प्रतिभा गर्ग ने एडवोकेट राकेश पाराशर के माध्यम से थाना प्रभारी को डिप्टी कलेक्टर दीपशिखा भगत के खिलाफ उन्हें अवैध रूप से विश्वविद्यालय थाने में बंधक बनाए जाने पर कार्रवाई के लिए आवेदन दिया। जिसमें कहा कि दीपशिखा कुछ लोगों के साथ सुबह 11 बजे मेरे क्लीनिक पर आईं और मुझे एवं मेरे पति डॉ.प्रवीण गर्ग को जबरन धमकाया तथा मुझे विश्वविद्यालय थाने में ले गए। यहां रात 8.40 बजे तक भूखा प्यासा बैठाकर रखा गया। इस दौरान उन्होंने मुझसे कोरे कागज पर दस्तखत भी करा लिए, इसलिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
जिस क्लीनिक पर कार्रवाई हुई है, वहां मैं स्वयं पेशेंट बनकर गई थी, जहां भ्रूण परीक्षण और अबॉर्शन दोनों ही को लेकर बात हुई थी। तीन दिन की इन्वेस्टिगेशन के बाद कार्रवाई हुई है, अभी हम सभी चीजें डिस्क्लोज नहीं कर सकते हैं, लेकिन हमारे पास पर्याप्त तथ्य हैं, जिनके आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
दीपशिखा भगत, डिप्टी कलेक्टर
वह झूठी मरीज बनकर आई, मुझ पर गर्भपात के लिए दबाव डाला, लेकिन मैने गर्भपात नहीं कराने को कहा। सिर्फ गर्भावस्था के दौरान वाली जांच और अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी थी। मुझ पर लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे हैं। वो पुलिस लेकर बिना परमीशन मेरे बेडरूम तक घुस आई। मेरे बच्चे और पति के साथ दुव्र्यवहार किया।
डॉ. प्रतिभा गर्ग
Updated on:
30 Jun 2019 02:00 pm
Published on:
30 Jun 2019 01:46 pm
बड़ी खबरें
View Allग्वालियर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
