
स्वास्थ्य मंत्री बोले मिलावट की सूचना देने वाले 240 लोगों के नाम
ग्वालियर. अब मध्यप्रदेश में मिलावट की सूचना देने वालों को 25-25 हजार रुपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। बीते ढाई महीने में सरकार तक 240 गोपनीय सूचनाएं पहुंची थीं, जिनके आधार पर मिलावटखोरी पर बड़ी कार्रवाई की गई है। इन सभी का नाम गोपनीय रखते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से पुरस्कार देने का फैसला किया गया है। यह बात स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने पत्रिका से चर्चा में कही। सिलावट सोमवार को ग्वालियर दौरे पर थे। इस दौरान वे ग्वालियर पत्रिका कार्यालय पहुंचे।
उनका कहना था कि शुद्ध के लिए युद्ध तब तक चलता रहेगा जब तक कि मिलावटखोर प्रदेश न छोड़ दें या मिलावट करना। इसके लिए खाद्य एवं औषधि विभाग समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ भी चाहते हैं कि मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान जारी रखा जाए। मिलावटखोरों से उनकी सूचना देने वालों को खतरा रहता है,इसलिए उनके नाम किसी भी सूरत में उजागर नहीं किए जाएंगे।
कोई वसूली करेगा तो उस पर होगी कार्रवाई
सभी कलेक्टर को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मिलावट करने वाले दोषी को छोडऩा नहीं और निर्दोष को परेशान नहीं करना है। यदि किसी अधिकारी की मिलावट करने वालों से सांठगांठ या वसूली की शिकायत मिली तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देश में मप्र पहला राज्य जहां रासुका लगाई गई
मंत्री का कहना था कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य हे जहां मिलावट के खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई की जा रही है। अभी तक 9 लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) की कार्रवाई की गई। यह पहली बार है जब मिलावटखोरों को रासुका में पकड़ा गया। प्रदेश में 29 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एक मिलावटखोर को जिलाबदर तक किया गया है।
ढाई माह में प्रदेशभर में लिए 8200 सैंपल
प्रदेशभर में ढाई माह में 8200 सैंपल लिए गए। इकलौती लैब में सैंपल जांच कराने में परेशानी थी, इसलिए मुंबई की लैब तक से जांच कराई गई। अब भी करीब 7000 सैंपल की जांच रिपोर्ट आना बाकी है। सैंपल की जांच में तेजी लाने के लिए प्रदेश में तीन नई अत्याधुनिक लैब खोली जा रही हैं।
एक वर्ष में तैयार हो जाएंगी तीन नई लैब
सिलावट ने बताया कि इंदौर के बाद ग्वालियर में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए लैब खोलने के लिए आधारशिला रख दी गई है। इसके बाद 24 अक्टूबर को तीसरी लैब के लिए जबलपुर में भूमिपूजन किया जाएगा। करीब 56 करोड़ की लागत से यह तीनों लैब एक वर्ष के भीतर तैयार हो जाएंगी। यह अत्याधुनिक लैब होंगी, जिससे मिलावट को लेकर आए सैंपल की जांच में तेजी आएगी।
Updated on:
21 Oct 2019 08:04 pm
Published on:
21 Oct 2019 07:22 pm
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