3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जन पर भारी बारिश, 18 लोगों की मौत, 30 भी हुए मृत, 800 कच्चे व पुराने घर भी धंसके

मानसून की बारिश से इस बार शहर सहित जिले में जनजीवन प्रभावित हो गया। मानसून जन पर भारी पड़ा है। आसमानी बिजली व कच्चे पक्के घर, पानी में डूबने से इस बार 18 लोगों ने अपनी जान गवाई है और 800 कच्चे व पक्के घर ढह गए। मानसून की बारिश से घर से लेकर खेत तक भारी नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं प्रशासन ने बारिश से हुई जनहानि व नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है। इस सर्वे में घर, पशुधन का सर्वे किया जा रहा है।

2 min read
Google source verification
gwalior rain

gwalior rain

मानसून की बारिश से इस बार शहर सहित जिले में जनजीवन प्रभावित हो गया। मानसून जन पर भारी पड़ा है। आसमानी बिजली व कच्चे पक्के घर, पानी में डूबने से इस बार 18 लोगों ने अपनी जान गवाई है और 800 कच्चे व पक्के घर ढह गए। मानसून की बारिश से घर से लेकर खेत तक भारी नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं प्रशासन ने बारिश से हुई जनहानि व नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है। इस सर्वे में घर, पशुधन का सर्वे किया जा रहा है।

दरअसल 1 जून से मानसून सीजन शुरू हो जाता है। मानसून आगमन के पहले प्री मानसून की हलचलें शुरू हो जाती हैं। इस बार प्री मानसून ज्यादा नहीं बरसा, लेकिन दवेपांव मानसून ग्वालियर में पहुंच गया। इस कारण लोग अपनी तैयारी नहीं कर सके। इसके अलावा लगतार हुई बारिश से जलभराव हुआ। कच्चे व पक्के मकानों की दीवारों में पानी भर गया। पानी भरने से धीरे-धीरे धंसक रहे हैं। अब बारिश थम गई है। दीवारों का पानी सूखने पर दीवारों में दरारें आएंगी। मकान और खतरनाक होंगे।

शहर में सात लोगों ने गवानी पड़ी जान

शहर में सात लोगों ने अपनी जान गवाई है। शंकरपुर में तेज आंधी की वजह से टीनशेड उड़ गया। इस टीनशेड की चपेट में चार लोग आ गए। उनकी मौत हो गई। तीन लोगों की मौत मकान के धंसकने से हुई है। ये लोग पुराने मकान में रह रहे थे, जिसमें से गेंडेवाली सडक़ पर जज्जा गिरने से दो की मौत हुई थी। इसके अलावा मुरार में बैसली नदी में बहने से एक बुजुर्ग की मौत हुई।

- 2024 में आसमानी बिजली गिरने की घटनाएं अधिक हुई थी, लेकिन इस बार आसमानी बिजली कम गिरी है। आसमान बिजली से हताहत भी कम हुई है। मकान गिरने से उसकी चपेट में आ गए।

ग्रामीण रोड भी हुए क्षतिग्रस्त, नहरें भी ओवर फ्लो

भारी बारिश के चलते नदी व नालों का पानी सडक़ों पर आ गया। पुलिया व पुल पर रोड कट गए हैं। इससे आवागन प्रभावित हुआ है। नॉन नदी का पानी इस बार भानगढ़ पुल पर दो बार आया। इस कारण ग्वालियर भितरवार मार्ग बंद रहा। लोगों को डबरा होते हुए ग्वालियर आना पड़ा।

- हरसी हाई लेवल नहर में बारिश का पानी आ गया। इससे अमरोल गांव के पास में नहर टूट गई। नहर टूटने की वजह से जौरासी की ओर पानी जाना बंद हो गया है।

-बारिश से पहले लोग अपनी तैयारी करते हैं, लेकिन बारिश ने तैयारी का मौका नहीं दिया। लगातार बारिश जारी रही। जिनके कच्चे घर थे, उनकी दीवारों में पानी न भरे, उसको लेकर लोग तैयारी नहीं की थी।

आसमान साफ, अब 4 को बरसेंगे बादल

बंगाल की खाड़ी से आया कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ गया है। शुक्रवार को आसमान साफ हो गया और धूप निकल आई। बारिश थमने से लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन उमस बढऩे लगी है। मौसम विभाग के अनुसार 4 अगस्त को फिर से भारी से मध्यम बारिश हो सकती है। क्योंकि एक चक्रवातीय घेरा विकसित हो रहा है। मानसून द्रोणिका (मानसून ट्रफ लाइन) भी ग्वालियर से होते हुए गुजर रही है। सिस्टम को देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है।

- शहर में कुल औसत बारिश आंकड़ा 1050.3 मिलीमीटर पहुंच गया है। अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस से बढक़र 32.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।

सर्वे करा रहे

- ग्रामीण क्षेत्र में बारिश हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए दल गांव में जा रहे हैं। कच्चे घरों को ज्यादा नुकसान हुआ है। किस व्यक्ति का कितना नुकसान हुआ है, उसका आंकलन आने के बाद मुआवजे तय किया जाएगा।

रुचिका चौहान, कलेक्टर