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बड़ी खबर : भारी बारिश से पार्वती नदी उफान पर,बढ़ा खतरा, कई जिलों में अलर्ट

भारी बारिश से पार्वती नदी उफान पर,बढ़ा खतरा, कई जिलों में अलर्ट
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ग्वालियर

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monu sahu

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Updated: 24 Jul 2018, 4:28 PM IST

heavy rain

बड़ी खबर : भारी बारिश से पार्वती नदी उफान पर,बढ़ा खतरा, कई जिलों में अलर्ट

ग्वालियर। ग्वालियर चंबल संभाग दो दिन से लगातार में हो रही बारिश से लोगों के चेहरे खिले हुए है। लेकिन श्योपुर जिले में रहने वाले ग्रामीणो के लिए यह बारिश आफत बन गई है। इन लोगों को सोमवार के दिन मौसम खुलने से थोड़ी राहत तो मिली,लेकिन पिछले दो दिन से लगी बारिश की झड़ी और रात को हुई भारी बारिश ने नदी नालों के उफान को बढ़ा दिया। इसी का परिणाम रहा कि सोमवार को भी श्योपुर कोटा मार्ग दिनभर बंद रहा। वहीं सरारी नदी के उफान से नैरोगेज ट्रैक भी गिरधरपुर के पास पानी में डूब गया। जिसके चलते ग्वालियर जा रही नैरोगेज ट्रेन के पहिए भी करीब तीन घंटे तक थमे रहे।

सुबह जब लोगों की आंख खुली तब भी बूंदाबांदी हो रही थी, हालांकि करीब 8 बजे मौसम साफ हो गया। मगर 9 बजे करीब ही बादलों ने फिरडेरा डाला और बारिश शुरू हो गई। करीब घंटेभर तक पानी बरसता रहा। इसके बाद एक बार फिर मौसम साफ हुआ, जो 11 बजते बजते पूरी तरह से साफ हो गया। जिसके बाद लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की। हालांकि दिन में मौसम साफ होने के बाद भी नदी नालों में जबर्दस्त उफान रहा।

रातभर की बारिश से जिले की नदियां पूरी तरह से उफान पर रही। जहां सीप नदी ने उफनते हुए डैम के लेबल के आकार को पा लिया, वहीं अमराल ने भी उफनते हुए दोनों किनारों की अधिकांश शिलाओं को खुद में समा लिया। बारिश का असर गिरधरपुर के पास की सरारी नदी पर भी दिखा,जिसने उफनते हुए श्योपुर ग्वालियर नैरोगेज टै्रक को डूबा दिया और ट्रैक पर सुबह करीब 7 बजे चार फीट पानी था, जो 10 बजे जाकर उतरा।

इस दौरान श्योपुर से सुबह 6 बजे रवाना होकर ग्वालियर पहुंचने वाली ट्रेन नदी के किनारेपर ही करीब तीन घंटे क खड़ी रही और जब 10 बजे पानी ट्रैक से उतर गया, उसके बाद ही ट्रेन रवाना की गई। हालांकि इसके बाद नदी सामान्य बनी रही और आवागमन सुलभ रहा।

गोरस की आदिवासी बस्ती में भरा पानी
कराहल के गोरस की श्यामपुरा तिराहे की आदिवासी बस्ती में पानी भरने से दर्जन भर घरों में पानी भर गया,वहीं आठ परिवारों के लोग सड़क पर बने यात्री प्रतिक्षालय में शरण लेकर निवास कर रहे हैं। लगातार बारिश से पिछले कुछ दिनों से बस्ती में पानी भरा हुआ है। लगभग छह साल पूर्व बने श्योपुर-पाली हाइवे की ऊंचाई बढऩे के कारण हर साल बस्ती में पानी भरता है, लेकिन पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।जिसके चलते पुलिस चौकी, प्राथमिक विद्यालय आदि के कैंपस भी पानी भरा हुआ है।

एक फीट पानी,फिर भी निकाली बसें
श्योपुर-कोटा हाइवे पर शाम के समय खातोली पुलिया पर पार्वती का पानी कम हुआ तो यात्री बस संचालकों ने यात्रियों की जान जोखिम में डालते हुए आवागमन शुरू कर दिया, जबकि पुल पर एक से डेढ़ फीट पानी था। बावजूद इसके दोनों किनारों पर ही रोकने वाला कोई नहीं था। ऐसे में कोई हादसा हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा।

535 एमएम हुई श्योपुर में अब तक बारिश
श्योपुर विकास खण्ड पर मानसून की मेहरबानी बनी हुई है। इसी का परिणाम है कि श्योपुर विकास खण्ड में पिछले 24 घंटे में हुई 45.4 एमएम बारिश को मिलाकर अब तक 535.0 एमएम पानी बरस चुका है। जबकि जिलेभर में अब तक 363.6 एमएम ही बारिश हुई है। जबकि गत वर्ष आज के दिन तक जिले में 175.3 एमएम ही बारिश हुई थी।जिलेभर में पिछले 24 घण्टे में 19.6 एमएम बारिश हुई है। शहर में सोमवार को दिन में आसमान साफ होने के बाद भी बीच बीच में हुई बारिश जल संसाधन विभाग के मौसम केन्द्र द्वारा 12 एमएम होना बताई गई है।