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हाईकोर्ट ने ‘खेती बेचने’ पर लगाई रोक, ‘खेती का पैसा लड़के के खाते में जाएगा’

MP News: जमीन पर हुई खेती से जो पैसा आएगा, वह बालक के खाते में जमा किए जाएंगे।

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(फोटो सोर्स: AI Image)

(फोटो सोर्स: AI Image)

MP News: हाईकोर्ट की युगल पीठ ने बालक के नाम जमीन के विक्रय पर बालिग होने तक रोक लगा दी। जमीन पर हुई खेती से जो पैसा आएगा, वह बालक के खाते में जमा किए जाएंगे। यह पैसा बालक की पढाई, कपड़े पर खर्च किए जाएंगे। कलेक्टर ग्वालियर को निर्देशित किया है कि बच्चे की देखरेख ठीक से हो रही है या नहीं, उसकी निगरानी करानी होगी। बालक प्रमोद कुशवाह को सुपुर्द कर दिया। बालक ने अपनी मां के साथ जाने से इनकार कर दिया।

ये है पूरा मामला

दरअसल करहिया थाने के मेहगांव निवासी छोटी कुशवाह ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। उसकी ओर से तर्क दिया कि उसके बेटे को गांव के प्रमोद कुशवाह, सुरेश कुशवाह ने बंधक बना लिया है। कोर्ट के नोटिस पर करहिया पुलिस ने सभी पक्षों को कोर्ट में पेश किया। इसके बाद शासकीय अधिवक्ता को काउंसिलिंग के लिए भेजा गया।

काउंसिलिंग में सामने आया कि छोटी कुशवाह के बड़े बेटे के नाम भूमि है। छोटी कुशवाह ने आरोप लगाया कि भूमि को भी प्रमोद व सुरेश कुशवाह हड़पना चाहते हैं। कोर्ट ने गुरुवार को फिर से सुनवाई की। बेटे ने मां के साथ जाने से मना कर दिया।

पिता के निधन के बाद बेटों के नाम आ गई थी जमीन

छोटी कुशवाह का पति से तलाक हो चुका है, लेकिन तलाक के बाद पति का निधन हो गया। बड़ा बेटा अपने पैतिृक घर में निवास कर रहा है। जबकि छोटा बेटा मां के साथ था। छोटी कुशवाह के पति के निधन के बाद जमीन बेटों को नाम आ गई थी। बड़े बेटों को भी मां अपने साथ रखना चाह रही थी। इसलिए बच्चे को लेने के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी।