
Hockey player Pratibha Arya
ग्वालियर. करीब तीन साल पहले प्रैक्टिस के दौरान पैर में चोट लग गई। एक महीने तक हॉकी को हाथ तक नहीं लगाया। अखिल भारतीय इंटर यूनिवर्सिटी हॉकी प्रतियोगिता में भी नहीं खेल सकी। मन में डर था अब कभी खेल भी पाऊंगी या नहीं, लेकिन इस डर को कभी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। एक्सरसाइज से चोट को एक महीने में ठीक किया और मैदान में वापसी की। मप्र हॉकी एकेडमी की कप्तानी संभालकर कई टूर्नामेंट में टीम को चैंपियन बनाया। ग्वालियर की प्रतिभा आर्य ने अपनी प्रतिभा से सीनियर इंडिया हॉकी कैंप तक का सफर तय कर लिया। इंडिया कैंप के लिए देशभर से चुनी गई छह खिलाड़ियों में प्रतिभा अपना स्थान बनाने में कामयाब रही।
प्रतिभा बताती हैं कि उसको हॉकी के प्रति लगाव बचपन से ही थी। समर कैंप में पहली बार हॉकी पकड़ी और अपनी मेहनत के दम पर 13 साल की उम्र में वर्ष-2011 में मप्र महिला हॉकी एकेडमी में कदम रखा और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। प्रतिभा ने बताया, भारतीय टीम में खेलना मेरा लक्ष्य है। इसके लिए रुटीन प्रैक्टिस के अलावा भी मैदान में समय देती हूं। प्रतिभा ने बताया, इंडिया हॉकी कैंप में चयन से खुश हूं, लेकिन सबसे ज्यादा खुशी तो इंडिया टीम में चयन होने पर होगी। इसलिए कैंप चयन की खबर अभी परिजन को नहीं बताई है।
प्रतिभा बताती है कि छोटे लक्ष्य लेकर आगे बढ़ी, लेकिन सब-जूनियर और जूनियर इंडिया टीम में खेलने को प्राथमिकता नहीं दी। 12 साल के लंबे इंतजार के बाद खुद को साबित करने का मौका मिला है, इसको गंवाना नहीं चाहूंगी। मप्र हॉकी एकेडमी के कोच परमजीत सिंह बताते हैं कि प्रतिभा ने धैर्यपूर्वक हॉकी खेली है और इसी का नतीजा है वह आज हॉकी इंडिया के कैंप तक पहुंच गई है। वह 13 साल की उम्र में मप्र एकेडमी आई थी और उसके बाद लगातार उपलब्धियों को हासिल करती रही। यह भविष्य की स्टार खिलाड़ी है, जो ग्वालियर का नाम रोशन करेगी।
Published on:
17 Mar 2023 11:34 pm
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