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‘तुम AC में रहती हो, गर्मी में पानी लाने की पीड़ा तुम क्या जानो’

'तुम एसी में रहती हो, गर्मी में पानी लाने की पीड़ा तुम क्या जानो'

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'तुम AC में रहती हो, गर्मी में पानी लाने की पीड़ा तुम क्या जानो'

ग्वालियर/श्योपुर। जिला पंचायत की अध्यक्ष कविता मीणा बुधवार को जब क्षेत्र भ्रमण पर निकली। तो यह देखकर चौंक गईं कि भीषण गर्मी में भरी दोपहरी में महिलाओं का झुण्ड खाली बर्तन लिए जा रहा है। उन्होंने रुककर जब उनसे कारण पूछा तो महिलाओं ने बताया कि पानी का साधन नहीं है, खेतों के बोरों से पानी भरकर लाने जा रही हैं, इस पर अध्यक्ष कुछ बोलती। इससे पूर्व ही एक महिला बोल पड़ी कि रहने दो। तुमको सब पता है, पर तुमको क्या काम? तुम तो एसी में रहती हो। दोपहरी में दूर से पानी भरकर लाने की परेशानी तुम्हें क्या पता? महिला की यह बात सुनकर जिला पंचायत अध्यक्ष कविता मीणा भी तैश में आ गईं और एक दूसरी महिला के हाथ से पानी के बर्तन लेकर उनके साथ पानी भरकर लाने चल दी।

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हालांकि थोड़ी दूर चलने पर ही कुछ महिलाओं ने जिला पंचायत की अध्यक्ष से आग्रह करते हुए बर्तन वापस ले लिए और बोली की आप रहने दो। हम लोग ले आएंगे, यह तो वैसे ही बोल रही है। इस पर जिला पंचायत की अध्यक्ष कविता मीणा सभी को रोका और वहीं पास में मौजूद मंदिर पर लेकर गईं। जहां पर थोडी देर में और ग्रामीण भी पहुंच गए। जिला पंचायत की अध्यक्ष ने वहां सभी से बात शुरू करते हुए उनकी समस्या को पूछा तो आधी से अधिक आबादी ने पानी की समस्या ही बताई, साथ ही बताया कि यह संकट उनका नहीं अपितु आसपास के दस गांव का है। इस पर जिला पंचायत की अध्यक्ष ने अफसरों से बात करके गांव के जल संकट की समस्या का समाधान कराने की बात कही, साथ ही कहा कि अगर अफसर कोताही करेंगे, तो फिर इस समस्या से सीएम को अवगत कराएंगी। ग्रामीणों ने सडक किनारे नाले के न बनने और बारिश में परेशानी होने की समस्या भी जिला पंचायत अध्यक्ष को बताईं।
इस पर भी जिला पंचायत अध्यक्ष कविता मीणा ने अफसरों से बात करके पता करने के लिए कहा। यहां बता दें कि सड़क किनारे एमपीआरडी को नाले का निर्माण करना था, नाला न बना, तो प्रशासन ने ठेकेदार की भुगतान राशि में से कुछ रुपए काट लिए। मगर राशि लेने के बाद भी प्रशासन ने गांव में नाले का निर्माण नहीं कराया है। जबकि बारिश में नाला न होने से पूरा पानी घरों में घुस जाता है, क्योंकि सड़क ऊंची हो गई है।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने राजौरा सचिव को फोन पर लगाई फटकार
जिला पंचायत अध्यक्ष यहां के बाद राजौरा पहुंची। गांव के विद्युतीकरण को लेकर विद्युत अफसरों से बात करने का विश्वास ग्रामीणों को दिलाया। ग्रामीणों ने गांव के पानी संकट की जानकारी देते हुए अध्यक्ष जिला पंचायत को बताया कि गांव में पानी का कोई प्रबंध नहीं है। ग्रामीणों ने आपस में पैसे जुटाकर एक मोटर बोर में डाली है, जिसमें निजी ट्रांसफार्मर से लाइट ली है, सभी लोग पैसे जुटाकर पानी का बंदोबस्त कर रहे हैं, पंचायत कोई सहयोग नहीं करती है। इस पर जिला पंचायत की अध्यक्ष ने ग्राम पंचायत सचिव को फोन लगाया और फटकार लगाते हुए कहा कि यहां लोग चंदा करके मोटर डाल रहे हैं, पंचायत मोटर क्यों नहीं डलवा रही है? उन्होंने ग्रामीणों को उनकी दोनों समस्याओं के शीघ्र समाधान का विश्वास दिलाया।

बार बार पानी संकट समाधान के निर्देश देने के बाद भी अफसर लापरवाही दिखा रहे हैं, चन्द्रपुरा और राजौरा में जो संकट मिला है। उससे जिला पंचायत सीईओ और पीएचई विभाग को अवगत कराते हुए समाधान के निर्देश देंगे। समाधान न हुआ, तो फिर सीएम से मिलकर उनको समस्या बताएंगे, क्योंकि यह बेहद गंभीर बात है कि लोग सरकार के पैसा खर्च ने के बाद भी पानी को यूं परेशान हों।
कविता मीणा, अध्यक्ष, जिला पंचायत श्योपुर