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ऊर्जा का भंडार है मानव शरीर

- जैन श्वेतांबर समाज के पर्युषण पर्व का छठवां दिन

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ऊर्जा का भंडार है मानव शरीर

ऊर्जा का भंडार है मानव शरीर

ग्वालियर. पयुर्षण पर्व के छठवें दिन श्वेताम्बर जैन मंदिर सराफा बाजार में नलखेड़ा से आए गौरव बम ने कल्पसूत्र का वाचन किया। उन्होंने भगवान महावीर का पाठशाला जाना, उनकी युवा अवस्था, भगवान ने जो उपसर्ग सहे व भगवान महावीर को केवल ज्ञान कैसे प्राप्त होता है, को बहुत ही सुंदर ढंग से उपाश्रय भवन में उपस्थित श्रावकों को समझाया। उन्होंने कहा कि मानव शरीर ऊर्जा का भण्डार है। इस ऊर्जा का उपयोग सद्कार्यों में करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। जरूरत सिर्फ उस ऊर्जा को जगाने तथा उसे सद्कार्यों में लगाने की है। गौरव बम ने आगे कहा कि व्यक्ति व्यर्थ के कार्यों में अपना धन और समय व्यर्थ करता रहता है। आज हम झुकना ही नहीं चाहते हैं, लोग आज कुछ बड़ों के घुटने छूते है। यह हमारी संस्कृति नहीं है। इससे कुछ हासिल नहीं होता है। शरीर का जितना सदुपयोग करें उतनी ऊर्जा उसे मिलती है। शरीर को स्वस्थ रखने के सारे बिन्दु हमारे हाथ व पैरों में है। हमें यह मानव शरीर मिला है। तो इसका उपयोग मोक्ष प्राप्ति के लिये करें। इस शरीर से ही मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है। रात्रि को मंदिर में हुई धर्मिक संगीतमय तंबोला प्रतियोगिता में संगीता पारख, सुशमा फोफलिया, जैनम पारख, यश कोठारी, अर्चना पारख, कुमकुम कोठारी, टीना बोथरा, दीप्ती तांतेड़, छाया कोठारी दर्श पारख एवं नेहा कोठारी विजयी घोषित हुए एवं प्रबंधक मण्डल ने सभी को पुरस्कृत किया। श्रीसंघ के अध्यक्ष सुनील दफ्तरी, कपूरचंद कोठारी, सुशील श्रीमाल, मनोज पारख, दीपक जैन, राहुल कोठारी एवं संजीव पारख ने बताया कि पर्व के सातवें दिन 19 अगस्त को कल्पसूत्र का वाचन सुबह 9 बजे उपाश्रय भवन में होगा, जिसमें तीर्थंकर भगवान के चरित्र को समझाया जायेगा।