
ग्वालियर। मासूम बेटे की आखों के सामने नशे में धुत्त पति ने पत्नी की छाती में गोली मार दी। वह जिंदा नहीं बचे इसलिए पत्नी को तड़पता छोड़कर मेनगेट पर ताला लगाकर भाग गया। मां की जान बचाने के लिए मासूम ने रोते बिखलते पड़ोसियों के दरवाजे खटका कर लोगों को मदद के लिए बुलाया। महिला की देर रात अस्पताल में मौत हो गई। सनसनीखेज वारदात शंकर कॉलोनी (जनकगंज) में सोमवार शाम की है।
रामबाई कुशवाह निवासी शंकर कॉलोनी ने बताया बेटी रेखा कुशवाह (30) को दामाद वीरेन्द्र ने बेटी को मार डाला। वीरेन्द्र शटरिंग का काम करता है। करीब आठ साल पहले वीरेन्द्र से बेटी की शादी की थी। रेखा को शक था पति के किसी और महिला से संबंध हैं। इसी वजह से रेखा पति को बामौर (मुरैना) से शंकर कॉलोनी में ले आई थी। लेकिन फिर भी उसका शक दूर नहीं हुआ। दोनों में इसी बात पर अक्सर झगड़ा होता था।
सोमवार शाम रेखा और बेटा कृष्णा (6) घर पर थे। वीरेन्द्र नशे में घर पहुंचा तो रेखा से उसकी कहासुनी हुई। वीरेन्द्र ने पत्नी को पीटा फिर मासूम बेटे की आखों के सामने कट्टे से उसकी छाती में गोली मारी। मासूम बेटे को धमकाया शोर मचाया तो उसे भी जिंदा नहीं छोड़ेगा। रेखा को जख्मी हालत में तड़पता छोड़ कर मेनगेट पर ताला लगाकर भाग गया। करीब 20 मिनट तक रेखा जख्मी हालत में पड़ी रही। फिर पड़ोसियों की मदद से ताला तोड़ा। रेखा खून से लपथपथ पड़ी थी। उसकी सांसें चल रहीं थी तो तुरंत उसे अस्पताल भेजा। रात करीब 12.00 बजे उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
पापा ने कट्टा, गोली निकाली और मां को मारकर ताला लगाकर भागे
मैं घर में खेल रहा था, मां कमरे में काम कर रही थीं, शाम को पापा नशे में घर आए। मां को बुरा भला कहने लगे। मां से उनका झगड़ा हुआ तो उनकी पिटाई कर दी। फिर दरवाजे के पास पहुंचकर कमर से कट्टा खींचा, जेब से गोली निकाली। फिर मां को गोली मार दी। मैं डर गया, मां जमीन पर तड़प रही थीं, पापा ने उसे फिर भी बुरा भला कहा फिर मुझे बाहर धकेल कर मेनगेट पर ताला लगाया। मुझे चुप रहने की धमकी देकर भाग गए। मैं भागकर नानी के यहां गया उन्हें घटना बताई, फिर पड़ोसियों को बुलाया। सबने मिलकर ताला तोड़ा तब मां को अस्पताल भेजा।
आज तुझे निपटा ही देता हूं
जख्मी हालत में रेखा ने पुलिस को बताया पति के किसी और महिला से संबंध है, इसलिए वीरेन्द्र उसे मारना चाहता था। सोमवार को उसकी हत्या के प्लान से ही आया था। घर आकर उसने झगड़ा किया। फिर बोला आज तुझे निपटा ही देता हूं धमकी देकर कट्टे से गोली मार दी।
एक्सपर्ट ने कहा: मेंटल ट्रॉमा झेलता है बच्चाक्या असर
मासूम बच्चे के सामने मां की हत्या की जो घटना हुई है, ऐसी वारदातें बच्चे को मेंटल ट्रॉमा झेलने विवश कर देती है। घटना न केवल जिंदगी भर उसके दिमाग में रहती है। इससे बच्चा असामाजिक व भयभीत हो सकता है। मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश कुमार उदेनिया कहते हैं कि जब मेंट्रल ट्रॉमा होता है, तो उसकी इमेज जिंदगीभर रहती है। इस बीमारी को पोस्ट्रोमेट्रिक स्टे्रस डिसऑडर कहा जाता है। इसमें बच्चे का डरना,कांपना, चिल्लाना, नींद में उठना जैसी परेशानी हो सकती है।
Published on:
29 Aug 2017 08:22 am
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