
इंडियन ऑयल कंपनी का शहर में बड़ा निवेश.... 31 करोड़ का बायो सीएनजी प्लांट लगेगा
ग्वालियर. देश में रोल मॉडल बनी लाल टिपारा आदर्श गोशाला मुरार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया जा रहा है। नगर निगम ग्वालियर द्वारा संचालित गोशाला में सीएनजी प्लांट लगाए जाने की तैयारी शुरू हो गई है।
शुक्रवार को इंडियन ऑयल कंपनी के अधिकारियों ने गोशाला पहुंचकर सर्वे किया। कंपनी की टीम के निरीक्षण के दौरान गोशाला का प्रबंधन कर रहे संत ऋषभ देवानंद महाराज, नोडल अधिकारी गोशाला पवन सिंघल एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
नगर निगम आयुक्त किशोर कन्याल के निर्देशन में नगर निगम ग्वालियर द्वारा संचालित लालटिपारा आदर्श गोशाला को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नगर निगम द्वारा एक और कदम बढ़ाया जा रहा है। निगम की गोशाला में अब सीएनजी प्लांट बनेगा, जिससे बायो सीएनजी तो बनेगी साथ ही फर्टिलाइजर बनेगा, जिससे चंबल क्षेत्र में जैविक खेती को तो लाभ होगा ही साथ ही हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
सीएनजी प्लांट की क्षमता 100 टन
गोशाला में 5 एकड़ भूमि पर लगभग 31 करोड़ रुपए की लागत से 100 टन क्षमता का बायो सीएनजी प्लांट बनाए जा रहा है। यह प्लांट कंपनी द्वारा सीएनजी मद से बनाया जा रहा है, जिसमें निगम द्वारा कोई खर्चा नहीं किया जाएगा। प्लांट का संचालन एवं संधारण नगर निगम ग्वालियर द्वारा किया जाएगा। प्लांट से निकलने वाली गैस का उपयोग निगम द्वारा किया जाएगा। इस प्लांट में गोशाला से निकलने वाले गोबर के साथ ही शहर की पशु डेयरियों से निकलने वाला प्रतिदिन का गोबर, सब्जी मंडी से निकलने वाला जैविक कचरे का उपयोग सीएनजी प्लांट में किया जाएगा, जिससे लगभग 200 गाडिय़ां धुआं मुक्त होकर सीएनजी से चल सकेंगी। क्लीन ग्वालियर-ग्रीन ग्वालियर की परिकल्पना को लेकर बनाए जा रहे सीएनजी प्लांट के लिए स्थल का सर्वेक्षण इंडियन ऑयल कंपनी के अधिकारियों ने करते हुए प्रत्येक जानकारी एकत्रकर अपनी रिपोर्ट तैयार की।
खेती को होगा लाभ
बताया गया है कि गोशाला में निकलने वाला बड़ी मात्रा में गोबर और शहर से उठवाए गए गोबर का इस्तेमाल कर प्लांट में बायो सीएनजी बनाई जाएगी। इसके वेस्ट से फर्टिलाइजर बनाया जाएगा जो जैविक खेती में फायदा पहुंचाएगा।
प्रतिदिन 50 टन गोबर
प्लॉट में गोशाला के गोबर के अलावा शहर की विभिन्न डेयरियों से निकलने वाले गोबर को उपयोग किया जाएगा। प्रतिदिन शहर से 50 टन गोबर व सब्जी मंडी से निकलने वाला जैविक कचरा गोशाला में प्लांट के लिए आएगा। इससे शहर में स्वच्छता बनी रहेगी। डेयरी वाले अभी गोबर के नालियों में बहा देते हैं, जिससे नालियां भी चौक नहीं होंगी। इसके अलावा इस प्लांट के लग जाने से करीब 100 लोगों को रोजगार का दावा भी किया गया है।
प्लांट से फायदा होगा
इंडियन ऑयल कंपनी की टीम ने आकर सर्वे कर लिया है। कंपनी गोशाला में प्लांट लगाकर दान में देगी। इस प्लांट से कई तरह के फायदे होंगे। गाडिय़ों में सीएनजी का इस्तेमाल होगा साथ ही फर्टिलाइजर बनेगा जो खेती को काफी लाभ पहुंचाएगा। इससे गोशाला आत्मनिर्भर बनेगी।
ऋषभ देवानंद, प्रबंधक लाल टिपारा गोशाला
Published on:
12 Feb 2022 02:00 am
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