16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इंटरनेशनल चिल्ड्रन बुक डे : खो गई है कॉमिक्स की वो दुनिया, गुम हुए किरदार

बच्चों के सुपरहीरो बदल रहे हैं। उनकी किताबें डिजीटलाईज्ड होने लगी और उनके किरदार भारतीय न होकर ग्लोबल हो गए है।

less than 1 minute read
Google source verification

image

Shyamendra Parihar

Apr 02, 2016

international children book day

international children book day


ग्वालियर। बच्चों को कॉमिक्स और सुपरहीरो बेस्ड बुक्स पढऩा बहुत ही अच्छा लगता है,लेकिन उनकी ये आदतें बदल रही है। बच्चों के सुपरहीरो बदल रहे हैं। उनकी किताबें डिजीटलाईज्ड होने लगी और उनके किरदार भारतीय न होकर ग्लोबल हो गए है। इसके साथ ही बच्चों में बुक रीडिंग का ट्रेंड भी अब खत्म होने को है।

बाजार से गायक हो गए चाचा चौधरी, बिल्लू और पिंकी की कॉमिक्स
एक दौर था कि परीक्षाओं के बाद बच्चों के हाथों में चाचा चौधरी, बिल्लू या पिंकी की कॉमिक्स हुआ करती थी। इसके अलावा थ्रीलर में नागराज, सुपर कमांडो ध्रुव जैसे किरदारों की किताबें खूब पढ़ी जाती थी। मगर आज ये सभी किरदार डिजिटलाईजेशन की दुनिया में कही गुम हो गए हैं।

बच्चों की पंसद बदल गई
शहर के बुक सेलर्स सुभाष बुक डिपो के ऑनर सुभाष शर्मा बताते हैं कि बच्चों की किताबों की ब्रिकी में काफी कमी आई है। कॉमिक्स आना तो बंद हो गया है। मौजूदा दौर में सिर्फ चंपक पढ़ी जाती है। बच्चों की पंसद बदल गई है। अब उन्हें हैरी पॉर्टर, टॉम एंड जैरी एवं स्नोफर्स जैसी बुक्स ज्यादा पंसद आती हैं।


अब टैब का जमाना है
बुक पढऩा हो या फिर कोई और दूसरा काम। हर काम पर टैब पर करना लोगों की आदत बन गई है। तकनीक क्षेत्र में आए इस बदलाव से बच्चे भी दूर नहीं रह पाए हैं। बच्चों के पास भी अब टैब आ गए है। बच्चों की फितरत में जो बड़ा बदलाव आया है, वो ये है कि बच्चों को अब स्टोरी पढऩे से ज्यादा देखना अच्छा लगता है।