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आग्‍नेय दिशा में मनीप्लांट लगाना शुभ, शुक्र यंत्र लगाना भी अच्‍छा

रेशमी परिधान, वस्त्र, सौंदर्य की वस्तुएं उपहार स्‍वरूप देकर घर की स्त्रियों को देकर प्रसन्न रखें

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आग्‍नेय दिशा में मनीप्लांट लगाना शुभ, शुक्र यंत्र लगाना भी अच्‍छा

आग्‍नेय दिशा में मनीप्लांट लगाना शुभ, शुक्र यंत्र लगाना भी अच्‍छा

ग्वालियर। वास्‍तु दोष में आग्नेय दिशा का दोष भी प्रमुख है। आग्‍नेय दिशा में दोष होने पर व्‍यक्‍ति घर में कई तरह की दिक्‍कतों का सामना करता है। ज्‍योतिष एवं वास्‍तु विशेषज्ञ के मुताबिक आग्‍नेय कोण का दोष खत्‍म करने के लिए इस दिशा में लाल रंग का एक बल्ब या एक दीपक इस प्रकार से जलाएं कि वह लगभग एक प्रहर यानी तीन घंटे तक जलता रहे। इसके लिए गणेश जी की मूर्ति स्‍थापित करनी चाहिए। इस दोष निवारण के लिए आग्‍नेय दिशा में मनीप्लांट लगाना भी शुभ माना जाता है।
आग्‍नेय दिशा में सूरजमुखी फूल, पालक, तुलसी, गाजर, अदरक, हरी मिर्च, मेथी, हल्दी, पुदीना और करी पत्ता का पौधा भी लगाया जा सकता है। इस दिशा का दोष करने लिए रेशमी परिधान, वस्त्र, सौंदर्य की वस्तुएं उपहार स्‍वरूप देकर घर की स्त्रियों को देकर हमेशा प्रसन्न रखें। इस दिशा में शुक्र यंत्र लगाना भी अच्‍छा है। इसी तरह दक्षिण दिशा दोष निवारण के लिए घर का भारी से भारी सामान इस दिशा में रखनी चाहिए। साथ में मंगल ग्रह के मंत्रों का दान करना चाहिए। दक्षिण दिशा की दीवार पर लाल रंग का हनुमान जी का चित्र लगाना चाहिए। दक्षिण दिशा की दीवार पर मंगल यंत्र की स्थापना की जानी चाहिए। यदि इस क्षेत्र में खाली जगह हो तो गमले रखने चाहिए। नेत्रत्य दिशा का दोष खत्‍म करने के लिए भारी मूर्तियां भी रखी जा सकती हैं। ऐसे व्‍यक्‍ति को वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। नेत्रत्‍य दिशा में राहु के मंत्रों का जाप करना चाहिए। चांदी, सोने,या तांबे के सिक्के या नाग-नागिन के जोड़े की पूजा करके इन्‍हें नेत्रत्य कोण की दिशा में दबा दें। साथ ही राहु यंत्र की स्थापना इस दिशा में करनी चाहिए।