
आइटीएम हॉस्पिटल के पलेटिव वार्ड में कैंसर मरीजों को मिल रहा बेहतर ट्रीटमेंट के साथ अपनापन
ग्वालियर.
जैसा कि हम देख रहे हैं कि समय के साथ कैंसर का खतर भी बढ़ता जा रहा है। इसके मरीजों की उम्र और गंभीरता चौकाने वाली है। खासकर कुछ विशेष कैंसर कर रिस्क तो बढ़ती ही जा रहा है। इस साल की थीम ‘क्लोज केयर गैप’ है। हम कोशिश करेंगे कि कुछ बेहतर प्रोग्राम्स बनाएं ताकि कैंसर के ग्लोबल इम्पैक्ट को रोका जा सके। कुछ ऐसे ही निष्कर्ष निकले आइटीएम यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ नर्सिंग साइंसेस द्वारा विश्व कैंसर दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित वेबिनार में। आइटीएम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर डॉ प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए हमने आइटीएम हॉस्पिटल में पेलेटिव वार्ड शुरू किया है। राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर दिल्ली के को-डायरेक्टर कंसल्टेंट मेडिकल ओंकोलॉजी डॉ उल्लास बत्रा और कंसल्टेट पिडियाट्रिक सर्जिकल आंकोलॉजी डॉ शालिनी मिश्रा ने भी अपनी राय रखी।
एक्सपर्ट सेशन की शुरुआत करते हुए राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर दिल्ली के को-डायरेक्टर कंसल्टेंट मेडिकल ओंकोलॉजी डॉ उल्लाास बत्रा ने ‘लेट्स ए टॉक अबाउट द बिग सी’ पर चर्चा की। उन्होंने बहुत अच्छे तरीके से समझाया कि कैंसर क्या है और क्या नहीं है। कैंसर के रिस्क फैक्टर जैसे तंबाकू, एल्कोहल आदि के बारे में जानकारी दी। कैंसर से जुड़ी भ्रांतियों के साथ उन्होंने कीमोथैरेपी से जुड़ी भ्रांतियों को भी समझाया। उनका कहना था कि कोविड काल के दौरान भी कैंसर एक बड़ी समस्या बनी हुई है।
राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर दिल्ली की कंसल्टेट पिडियाट्रिक सर्र्जिकल आंकोलॉजी डॉ शालिनी मिश्रा ने ‘प्रिवेंशन एंड अर्ली डिटेक्शन ऑफ कैंसर के बारे में चर्चा की। उन्होंने समझाया कि भारतीय परिदृष्य में कैंसर होना किस तरह का एक अलग भाव का अनुभव कराता है, खासकर भारतीय महिलाओं में। साथ ही ब्रेस्ट कैंसर के बारे में उन्होंने कई आवश्यक बाते बताईं। साथ ही ब्रेस्ट कैंसर जांचने के लिए सेल्फ एग्जामिनेशन भी सिखाया। उन्होंने अपनी बात ‘गेट वैक्सीनेटेड, गेट स्क्रींड, डोंट लेट सर्वाइकल कैंसर स्टॉप’ समझाकर समाप्त की। इस मौके पर स्कूल ऑफ नर्सिंग साइंसेस की डीन प्रो मिनी अनिल, नर्सिंग डिपार्टमेंट की एचओडी एसोसिएट प्रो नीतू भदौरिया, आप्टोमेट्री के एचओडी असिस्टेंट प्रो मैथ्यू जॉर्ज सहित फैकल्टीज व स्टूडेंट्स उपस्थित रहे।
पेलेटिव वार्ड में बनाते हैं मरीजों का जीवन समस्यामुक्त: डॉ चव्हाण
आइटीएम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ग्वालियर की पेलेटिव केयर फिजीशियन डॉ रेखा चव्हाण ने आइटीएम में शुए हुए ‘पेलेटिव केयर’ के बारे में जानकारी दी। साथ ही बताया कि कैंसर पेशेंट की किस प्रकार से हम देखभाल कर सकते हैं, जिससे वो खुश और सशक्त महसूस कर सके। आइटीएम हॉस्पिटल के पेलेटिव केयर सर्टिफाइड एक्सपर्ट नर्सिंग टीम से कराई जाती है। उनका कहना था कि कई बार मरीज ऐसी परिस्थितियों में पहुंच जाता है, जहां उसका ठीक होना संभव ना होकर उनका जीवन स्वयं मरीज के लिए एवं उसके परिजनों के लिए एक समस्या का कारण बन जाता है । ऐसे में पैलिएटिव केयर एक ऐसा माध्यम है, जिसके आधार पर मरीज को एक सुव्यवस्थित जीवन शैली जोकि बीमारी से संबंधित तकलीफों से मुक्त हो, ऐसी व्यवस्था पैलिएटिव केयर के माध्यम से मरीजों को प्रदान की जा सकती है, जिसके द्वारा मरीज एवं उसके परिजन बीमारी से होने वाली परेशानियों से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं, जिससे मरीज का जीवन परेशानी मुक्त बन सकता है। पैलिएटिव केयर बीमारी संबंधित इलाज ना देते हुए परंतु बीमारी से होने वाली परेशानियों से मुक्ति प्राप्त करने में मरीजों व उनके परिजनों की मदद करता है। ऐसे में मरीज की जीवन शैली में सकारात्मक परिवर्तन आता है। पैलिएटिव केयर में जहां एक और फिजीशियन अपना कार्य करते हैं, वहीं दूसरी ओर काउंसलर, फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ और आध्यात्मिक विशेषज्ञ इस बारे में मरीज की संपूर्ण मदद करते हैं।
पोस्टर कॉम्पीटिशन के रिजल्ट किए घोषित
वेबिनार के आखिर में स्कूल ऑफ नर्सिंग साइंसेस में आयोजित हुए पोस्टर कॉम्पीटिशन के रिजल्ट भी घोषित किए गए। इसमें स्टूडेंट विजेता कुमारी-स्मृति तोमर फस्र्ट विनर और रागिनी गुप्ता-सर्वम सिंह सेकंड विनर रहे। इस मौके पर आइटीएम हॉस्पिटल ग्वालियर के नर्सिंग सुप्रीटेंडेट अभिनव सिंह भदौरिया और फिजियोथेरेपिस्ट डॉ प्रशांत को भी विशेष पुरस्कार दिए गए।
Published on:
13 Feb 2022 11:25 am
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