
ग्वालियर। यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर अब कथा वाचक जया किशोरी ने बड़ा बयान दिया है। आपको बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी हाल ही में मप्र की राजधानी भोपाल आए थे। उन्होंने बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यूसीसी को लेकर बयान दिया था। जिसके बाद यूसीसी का मुद्दा गर्माया हुआ है। इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए अब जया किशोरी ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने क्या कहा.. जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर मध्य प्रदेश में दिए गए बयान के बाद इस पर चर्चा अब तेज हो गई है। इसी बीच ग्वालियर पहुंचीं कथा वाचक जया किशोरी ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है। जया किशोरी ने कहा, 'जो काम देश हित के लिए हो, उसे जरूर करना चाहिए।' वे बोलीं 'जिससे देश को फायदा हो लोगों को भी उसका समर्थन करना चाहिए।' आपको बता दें कि जया किशोरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के यूसीसी को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब खुलकर दिया।
राजनीति में आने को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि 'राजनीति में आने का उनका मन नहीं है।' तो राजनीति में धर्म के प्रयोग पर उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की सीख दी। उन्होंने कहा, 'राजनीति में धर्म का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। भगवान कृष्ण ने भी महाभारत में राजनीति की थी। अगर कृष्ण सी राजनीति करेंगे तो जीत जाएंगे और अगर दुर्योधन जैसी राजनीति करेंगे तो पराजय मिलना तय है।'
'अच्छे मन से किसी से जुडऩे में बुराई नहीं'
आपको बता दें कि जया किशोरी कथा करने के लिए ग्वालियर पहुंची। नेताओं के संतों की शरण में जान को लेकर जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'अच्छी सोच के साथ कोई अगर कोई व्यक्ति किसी के साथ जाता है तो उसमें किसी तरह की बुराई नहीं है। फिर वह व्यक्ति किसी भी क्षेत्र से जुड़ा हो, चाहे बिजनेसमैन हो या साधारण व्यक्ति हो या फिर कोई संत हो। अच्छे मन से और अच्छे विचार से किसी से जुडऩे में कोई गलत बात नहीं है।'
आदिपुरुष फिल्म पर क्या बोलीं जया
फिल्म आदिपुरुष में रामायण के पात्रों के विवादित चित्रण और संवाद को लेकर चल रहे विवाद पर जया किशोरी ने कहा, 'फिल्म कैसे पास हुई यह सरकार का मामला है और सरकार की सरकार ही जाने। लेकिन मैं तो इतना ही कहना चाहूंगी कि आप जो देख रहे हैं वह देखिए, लेकिन उससे जुड़ी नॉलेज भी रखिए। खासकर बच्चों को छोटी उम्र से ही धार्मिक ग्रंथ और अध्यात्म की जानकारी दी जानी जरूरी है। बच्चों को बचपन से ही धर्म और साहित्य के बारे में बताएं। मैं केवल इतना कहना चाहती हूं की फिल्म कोई भी हो उसमें मर्यादा होनी चाहिए। भगवान राम और रामायण से लोगों की श्रद्धा जुड़ी है उसका ध्यान रखा जाना जरूरी था।'
'भगवान से लगाव ही है कि आज मेरी कथा सुनने भीड़ उमड़ती है'
बेहद कम उम्र में धर्म की ओर झुकाव और प्रेरणा के सवाल पर जया किशोरी ने कहा, '6 साल की उम्र से मैंने धार्मिक भजन गाए थे और 12-13 साल की उम्र से कथा कर रही हूं। श्री कृष्ण और भगवान श्री राम की कथा-कहानियों को सुनकर ही धर्म और अध्यात्म की ओर झुकाव हुआ। काफी कम उम्र से ही मेरी जिज्ञासा भगवान के प्रति बढ़ती गई और भगवान से लगाव का ही नतीजाa है कि लोग आज कथा सुनने बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।'
Updated on:
03 Jul 2023 03:36 pm
Published on:
03 Jul 2023 02:20 pm

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