
सोलर पावर सिस्टम
ग्वालियर. अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य चिकित्सालय (जेएएच) में इलाज कराने आने वाले हजारों मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। बिजली कटौती के दौरान गर्मी और अंधेरे से जूझने वाले मरीजों को अब जल्द स्थायी समाधान मिलने वाला है। अस्पताल प्रबंधन ने पूरे परिसर को सोलर पावर सिस्टम से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अस्पताल में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे न केवल मरीजों को गर्मी और अंधेरे से राहत मिलेगी, बल्कि अस्पताल प्रशासन को हर महीने आने वाले भारी-भरकम बिजली बिल से भी छुटकारा मिलेगा। जेएएच में करीब 2200 मरीजों के लिए पलंग की व्यवस्था है। सोलर सिस्टम शुरू होने के बाद सभी वार्डों और विभागों में बिजली आपूर्ति बेहतर होने की उम्मीद है।
जिन विभागों में सबसे ज्यादा परेशानी, वहां पहले मिलेगा फायदा
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक उन विभागों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां अभी जनरेटर की सुविधा सीमित है और बिजली कटौती का असर सबसे ज्यादा पड़ता है। जेएएच अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना ने बताया कि अस्पताल की सभी छोटी-बड़ी बिङ्क्षल्डग का सर्वे पूरा हो चुका है और अब सोलर सिस्टम लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
बिजली गुल होते ही मच जाती थी अफरा-तफरी
-वर्तमान में अस्पताल के कई वार्डों और विभागों में बिजली जाते ही मरीजों और स्टाफ को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
-परिसर में 15 से अधिक जनरेटर लगे होने के बावजूद सभी विभागों का लोड संभालना मुश्किल हो जाता है।
-सबसे ज्यादा दिक्कत उन गंभीर मरीजों को होती है, जो वेंटिलेटर या ऑक्सीजन सपोर्ट पर होते हैं।
-वहीं भीषण गर्मी में पंखे और कूलर बंद होने से जनरल वार्डों में भर्ती मरीजों की हालत खराब हो जाती है।
बची राशि स्वास्थ्य सुविधाओं पर होगी खर्च
जेएएच प्रशासन हर महीने करीब 50 लाख रुपए का बिजली बिल चुकाता है। सोलर एनर्जी के उपयोग से यह खर्च काफी कम हो जाएगा। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बिजली बिल में होने वाली बचत को दवाइयों की उपलब्धता बढ़ाने और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने में इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके लिए अस्पताल परिसर की सभी इमारतों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। अलग-अलग बिङ्क्षल्डग की क्षमता और बिजली खपत का आकलन कर सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पत्रिका व्यू
इलाज के साथ भरोसे की भी जरूरत
अस्पताल केवल इलाज की जगह नहीं, बल्कि मरीजों के भरोसे का केंद्र होता है। ऐसे में बिजली जैसी बुनियादी सुविधा का लगातार उपलब्ध रहना बेहद जरूरी है। जेएएच में सोलर पावर की पहल न केवल पर्यावरण के लिहाज से बेहतर कदम है, बल्कि मरीजों को सम्मानजनक और सुरक्षित इलाज देने की दिशा में भी अहम बदलाव साबित हो सकती है।
Updated on:
08 May 2026 05:39 pm
Published on:
08 May 2026 05:38 pm
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