
जेयू के स्वास्थ्य केंद्र में पांच साल में डेढ़ लाख मरीजों को मिला उपचार, यहां है 8 ओपीडी
ग्वालियर. जीवाजी विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी है। दरअसल, सरकार की मंशा प्रदेश में जो छह नए मेडिकल कॉलेज खोलने की है उनमें से एक ग्वालियर में प्रस्तावित है। इसे जीवाजी विश्वविद्यालय में खोलने की अनुमति मांगी जा रही है। कुलपति संगीता शुक्ला ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र भेजकर मुरार सिविल अस्पताल को विश्वविद्यालय से जोडऩे का प्रस्ताव रखा है। मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने के लिए हाल में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। बताया जा रहा है कि विवि के मेडिकल कॉलेज का फायदाा पूरे अंचल को मिलेगाा।
अभी विवि अपने परिसर में आठ ओपीडी के साथ स्वास्थ्य केंद्र संचालित कर रहा है। जहां छह डॉक्टर सहित अन्य स्टाफ तैनात है और 30 बैड मौजूद है। बीते दिनों राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर जीवाजी विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने का आग्रह किया। इसके बाद विवि की कुलपति ने भी सीएमएचओ और उच्च शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर मुरार सिविल अस्पतल को जेयू के साथ जोडऩे की मांग की है। पत्र में कुलपति ने लिखा है कि मेडिकल कॉलेज के लिए 300 बैड होना चाहिए 200 बैड मुरार अस्पताल और 70 बैड जेयू को दे दिए जाए तो आसानी से मेडिकल कॉलेज खोला जा सकेगा। साथ ही विवि के पास पर्याप्त मात्रा में भवन,इंफ्राक्टचर सहित अन्य तमाम सुविधाए मौजूद है।
अनुभव और विशाल परिसर मेडिकल कॉलेज के लिए उपयुक्त
विवि में करीब 15 साल से एक ओपीडी वाला स्वास्थ्य केंद्र था। इसे पांच सालों में विस्तार दिया गया। अभी यहां 30 बेड वाले स्वास्थ्य केंद्र में आठ ओपीडी हैं। इस पांच सालों में यहां ओपीडी में डेढ़ लाख मरीजों का उपचार किया गया। पंचकर्म, क्षारसूत्र, गाइनेकोलॉजी और इनफर्टिलिटी क्लिनिक, फिजियोथेरेपी, होम्योपैथी, कोल्ड ऑफ होम्योपैथी और आयुर्वेद ओपीडी संचालित हो रही है। ओपीडी में 6 डॉक्टर सहित अन्य स्टाफ की टीम मौजूद है।
जीवाजी विश्वविद्यालय 472 बीघा में फैला हुआ है। यहां मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए पर्याप्त स्थान है। इसके अलावा विवि के लिए ग्राम तुरारी में आरक्षित 17.454 हेक्टेयर भूमि आरक्षित है। विवि प्रशासन चाहता है कि मेडिकल कॉलेज की अनुमति मिले तो उसका संचालन किया जा सकता है।
्गजराराजा मेडिकल कॉलेज और जेएएच से घटेगा भार
विवि प्रशासन का मानना है कि नया मेडिकल कॉलेज खुलने से गजराराजा मेडिकल कॉलेज और जयारोग्य अस्पताल का भार कम होगा। यहां की ओपीडी में आम दिनों में हर रोज औसतन तीन हजार से अधिक मरीज पहुंचते हैं। जेयू में मेडिकल कॉलेज के स्थापित होने से ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड जिले के साथ ही सीमावर्ती जिला इटावा, कोटा, धौलपुर आदि के मरीजों को भी इसका लाभ मिलेगा।
प्रदेश सरकार की भी इच्छा
उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीते दिन ऑनलाइन बैठक में प्रदेश के छह नगरों के विवि में मेडिकल कॉलेज खोलने की भी बात कही थी। इनमें ग्वालियर सहित भोपाल, जबलपुर, इंदौर, रीवा और सागर में मेडिकल खोले जाने के लिए प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। जेयू कुलपति प्रो संगीता शुक्ला ने इसके लिए प्रयास आरंभ कर दिए हैं।
सिंधिया ने सीएम को लिखा था पत्र
सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बीते दिनों पत्र लिखकर अनुरोध किया कि जीवाजी विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाना है। इसका वित्तीय भार विवि स्वयं उठाएगा, शासन पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। इसके लिए मुख्यमंत्री से विवि के लिए ग्राम तुरारी में आरक्षित 17.454 हेक्टेयर भूमि के लिए राजस्व विभाग द्वारा वांछित प्रीमियम राशि रुपए 27,92,64,000 एवं 1,39, 63,200 माफ करने की मांग की गई थी।
"हमने सीएमएचओ को पत्र लिखकर सिविल अस्पताल मुरार को विवि के प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज से जोडऩे की मांग की है। जिससे मुरार के साथ ही विवि सहित आसपास के लोगों को लाभ मिल सके। पहले अब पेरामेडिकल की शुरुआत कराएंगे आयुर्वेद के साथ। शासन को भी पत्र भेज दिया गया है।"
प्रो संगीता शुक्ला कुलपति जीवाजी विश्वविद्यालय
Published on:
26 Jun 2021 11:24 pm
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