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शहर से कबीर और अपुल ने क्रैक किया आइपीएमएटी, हार्डवर्क और डेडिकेशन से मिली सफलता

आइआइएम इंदौर ने जारी किया फाइनल रिजल्ट

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शहर से कबीर और अपुल ने क्रैक किया आइपीएमएटी, हार्डवर्क और डेडिकेशन से मिली सफलता

शहर से कबीर और अपुल ने क्रैक किया आइपीएमएटी, हार्डवर्क और डेडिकेशन से मिली सफलता

ग्वालियर.

आइआइएम इंदौर की ओर से आइपीएमएटी (इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट एप्टीट्यूट टेस्ट) का फाइनल रिजल्ट शुक्रवार को घोषित हुआ। इसमें शहर के कबीर ठकवानी ने ऑल इंडिया रैंक 46वीं और अपुल वैष्णव ने 519वीं रैंक हासिल की। उल्लेखनीय है कि यह एग्जाम 17 जुलाई को हुआ था। इसमें शहर से लगभग 250 स्टूडेंट्स ने पार्टिसिपेट किया था। यह एग्जाम 130 सीट्स के लिए हुआ था, जिसमें देशभर से लगभग 20 हजार स्टूडेंट्स ने पार्टिसिपेट किया था। यह एग्जाम आइआइएम इंदौर में एडमिशन के लिए होता है, जो स्टूडेंट्स सिलेक्ट हुए हैं वह इंटीग्रेटेड कोर्स (बीबीए-एमबीए) करेंगे।

एक हफ्ते बाद एडमिशन प्रोसेस शुरू
आइपीएमएटी के रिटेन का रिजल्ट 23 जुलाई को घोषित हुआ। इसमें सिलेक्ट हुए स्टूडेंट्स के 10 अगस्त को ऑनलाइन पर्सनल इंटरव्यू हुए। इसका फाइनल रिजल्ट 3 सितंबर को घोषित हुआ। आइआइएम इंदौर ने स्टूडेंट्स के पास ऑनलाइन लेटर भेज दिया है। एक हफ्ते बाद एडमिशन प्रोसेस शुरू होगा।

कबीर ठकवानी
एआइआर- 46
माता- कुसुम, पिता- गुलशन ठकवानी
12वीं के एग्जाम पोस्टपोन होते ही मैंने आइपीएमएटी की तैयारी शुरू कर दी थी। जून में रिटेन के रिजल्ट के बाद इंटरव्यू के लिए 15 दिन का समय मिल गया। उसमें अपने आपको प्रिपेयर किया। मेरी इंग्लिश पहले से अच्छी थी। क्योंकि मैंने पहले एसएटी एग्जाम दिया था। मेरा पूरा फोकस मैथ्स पर था। इसके लिए मैंने पेपर एनालाइज किया। वीकनेस को टारगेट किया। इस दरम्यान मैंने 30 से 35 मॉक टेस्ट लगाए और उन्हें एनालाइज किया। हर बार टेस्ट देता और अपने आपको इम्प्रूव करता। मेरा सपना आइआइएम इंदौर में एडमिशन लेना था। इसके लिए मैंने तैयारी की और सफल रहा। मेरी सफलता में फैमिली का पूरा सपोर्ट मिला।


अपुल वैष्णव
एआइआर- 519
मम्मी- ज्योति, जीतेन्द्र कुमार
मैंने 12वीं के साथ क्लैट की तैयारी शुरू कर दी थी। अप्रैल के शुरुआत में मुझे आइआइएम इंदौर के आइपीएमएटी के बारे में मालूम चला। 17 जुलाई को एग्जाम था। समय कम था, लेकिन जुनून था, क्रैक करने का। मैंने स्ट्रेटजी बनाई और तैयारी में जुट गया। क्लैट की तैयारी कर रहा था तो कुछ मदद वहां से भी मिल गई और कुछ इंटरनेट की हेल्प ली। हर डाउट को क्लियर किया। मॉक टेस्ट लगाए, जो पोर्शन नहीं आता था, उस पर ज्यादा फोकस किया। आइपीएमएटी को क्रैक करने के लिए मैंने कोई कोचिंग नहीं ली। मुझे यह प्रूव करना था कि लक्ष्य कितना भी बड़ा हो, यदि आप पूरी तन्मयता से उसे पूरा करते हो तो सफलता जरूर मिलेगी और यह मैंने अपने पैरेंट्स के सपोर्ट से कर दिखाया।