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कामलिया का अटैक, सोयाबीन के पौधों की पत्तियां चट कर रहा कीट

तेज बारिश की दरकार, ताकि कीटों से मिले मुक्ति

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कामलिया का अटैक, सोयाबीन के पौधों की पत्तियां चट कर रहा कीट

कामलिया का अटैक, सोयाबीन के पौधों की पत्तियां चट कर रहा कीट

धार. खरीफ सीजन के तहत सोयाबीन की फसल खेतों में लहलहा रही है। लेकिन फसलों पर कीट का प्रकोप भी देखने को मिल रहा है।

सोयाबीन पर कामलिया कीट का अटैक धार, तिरला के कई गांवों में देखने को मिला है। पहाड़ी इलाके होने के कारण खेतों में कामलिया का प्रकोप लगातार बढ़ा है। इसकी रोकथाम के लिए
किसान कीटनाशकों का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल पौधों पर संकट है। दरअसल जिले में बारिश का दौर जारी है, रुक-रुककर होने वाली बारिश के कारण खेतों में कीट का असर देखने को मिला है। खासतौर पर तिरला के मूसापुरा, चिक्लया, गंगानगर, माफीपुरा, सीतापाट, हिम्मतगढ़ व धार के देलमी, देदला समेत आसपास के इलाकों में सोयाबीन पर कामलिया कीट का अटैक देखने को मिला है।

पौधों को करता है खत्म
दरअसल कामलिया कीट सोयाबीन के पौधों पर अटैक करता है। पत्तियों से लेकर तने को खाकर पूरी तरह खत्म कर देता है। वैसे आमतौर पर कामलिया कीट का प्रकोप पहाड़ी इलाकों में देखने को मिलता है। लेकिन शहर सहित आसपास के क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर इसका असर देखा जा रहा है।

एक दम बढ़ी तादाद
माफीपुरा के किसान जितेंद्र पाटीदार ने बताया कि बारिश रुकने के कारण अचानक कीट का प्रकोप बढ़ा है। एक दम से कामलिया की तादाद बढऩे के कारण कीटनाशक के छिडक़ाव से भी रोकथाम नहीं हो पा रही है। सोयाबीन अंकुरित होकर पौधे धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं, लेकिन कामलिया इन पौधों को खाकर नष्ट कर रहे हैं।
एक्सपर्ट व्यू
&जिले में खंडवर्षा का दौर देखने को मिल रहा है। ऐसी स्थिति में कामलिया कीट खेतों में दिख रहे हैं। तेज बारिश से यह स्वित: खत्म हो जाते हैं। खासतौर पर पहाड़ी इलाके में इन कीटों का ज्यादा असर देखने को मिलता है।
डॉ. एसएस चौहान,
वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, धार