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SMART CITY: शहर के मंत्रियों की बेरुखी से सिविल एयरपोर्ट अधर में चार बड़े नेता-मंत्री, दिलचस्पी किसी की नहीं

SMART CITY: शहर के मंत्रियों की बेरुखी से सिविल एयरपोर्ट अधर में चार बड़े नेता-मंत्री, दिलचस्पी किसी की नहीं

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vijayra raje air terminal gwalior

ग्वालियर। शहर में सिविल एयरपोर्ट बनाने के लिए हुए सर्वे आदि कामों में अभी तक १ करोड़ रुपए से खर्च हो चुके हैं, दो बार जगह भी फाइनल हुई, लेकिन एयरफोर्स की आपत्तियों की वजह से एयरपोर्ट बनाने का काम अधर में लटक गया है। सिविल एयरपोर्ट बनाए जाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और एयरफोर्स से अनापत्ति हासिल करने शहर का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी भी नेता ने इच्छाशाक्ति नहीं दिखाई। परिणाम यह है कि दुगुनावली के बाद मालीपुरा में जो जगह चिन्हित की गई थी, उस पर भी फिलहाल एयरपोर्ट बनाया जाना संभव नहीं है। सूत्रों की मानें तो एयरफोर्स ने इस जगह पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद केन्द्र सरकार द्वारा दूसरी जगह ढूंढने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

प्रयास हुए, परिणाम नहीं
प्रयास-1 : दुगुनावली गांव में साडा ने हवाई पट्टी के लिए ४०० हैक्टेयर अविवादित जगह चिन्हांकित कराई थी। यह जगह एयरफोर्स स्टेशन से ८ किलोमीटर दूर थी, इसलिए सुरक्षा कारणों से निरस्त हो गई।

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प्रयास-2: मालीपुरा-पावटा में साडा ने ८०० हैक्टेयर मैदानी वन भूमि चिन्हांकित कराई थी। यह जगह एयरफोर्स स्टेशन से 20 किलोमीटर की परिधि से बाहर थी। यहां परमिशन के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल को पत्र लिखा गया था। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से फिजिबिलिटी सर्वे रिपोर्ट बनवाने की अनुमति ली गई। अनापत्ति के लिए एयरफोर्स स्टेशन मुख्यालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एटीसी को पत्र लिखा गया। २०१५ में फिजिबिलिटी सर्वे रिपोर्ट की डीपीआर के लिए ३५० करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया गया था। इसके बाद से लेकर अभी तक मामला अटका हुआ है।

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प्रयास-3: साडा क्षेत्र में एयरफोर्स की लगातार सुरक्षा संबंधी आपत्तियों के बीच स्थानीय प्रशासन ने बीएसएफ अकादमी टेकनपुर के बाहर की जमीन उपलब्ध कराने के लिए निरीक्षण किया गया था। इस जमीन का निरीक्षण होने के बाद किसी भी तरह के संकेत नहीं मिले और मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

नरेन्द्र सिंह तोमर : केन्द्रीय मंत्री ने फ्लाइट बढ़ाने नागरिक उड्डयन मंत्री से मुलाकात की, लेकिन साडा क्षेत्र में प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए उनकी ओर से पहल नहीं हुई है। अगर वह प्रयास करते तो शहर का भला होता।

माया सिंह : प्रदेश की नगर प्रशासन मंत्री ने सिविल एयरपोर्ट को लेकर किसी भी स्तर पर प्रयास नहीं किए हैं। वह चाहतीं तो केन्द्रीय मंत्रालय को पत्र लिखकर पहल कर सकती थीं।

प्रभात झा : भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदेश संगठन अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने शहर की व्यवस्थाओं पर सवाल तो उठाए हैं, लेकिन एयरपोर्ट पर ध्यान नहीं दिया।

जयभान सिंह पवैया : उच्च शिक्षा मंत्री, नवकरणीय ऊर्जा, मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, भाजपा विधायक भारत सिंह कुशवाह ने अपनी ओर से कोई प्रयास नहीं किए।


इन्होंने भी नहीं की कोई कोशिश

पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना-शिवपुरी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन उनका गृह नगर और राजनीति का केन्द्र ग्वालियर है। वह चाहते तो एयरपोर्ट के लिए प्रयास कर सकते थे।

प्रदेश की कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया शिवपुरी विधानसभा का प्रतिनिधित्व करती हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक विरासत ग्वालियर में है। उन्होंने सिविल एयरपोर्ट के लिए आवाज नहीं उठाई।