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ग्वालियरवासियों के लिए बुरी खबर- शहर के सभी बैंक हुए खाली नहीं है किसी के पास भी रूपया

ग्वालियरवासियों के लिए बुरी खबर- शहर के सभी बैंक हुए खाली नहीं है किसी के पास भी रूपया

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ग्वालियर। नकदी की परेशानी झेल रहा शहर रविवार को भी परेशान रहा। आरबीआइ की ओर से पिछले कुछ समय से रुपए नहीं आने के कारण समस्या अनवरत जारी है। लोगों को एटीएम में रुपए नहीं मिल पा रहे हैं, बैंक शाखाओं में भी उन्हें कतार में लगकर थोड़ा-बहुत रुपया ही मिल पा रहा है। पिछले तीन दिनों से शहर के एटीएम में रुपए लोड ही नहीं किए गए थे। इसके चलते रविवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की महाराज बाड़ा स्थित स्कैब (विशेषीकृत मुद्रा प्रबंधन शाखा) को एटीएम में कैश लोड करने के लिए खोला गया। यहां से कैश मिलने के बाद एजेंसियों ने एटीएम में कैश लोड तो किया लेकिन शाम होते-होते ये एटीएम भी खाली हो गए और इन पर फिर से शटर डाल दिए गए। बताया जा रहा है कि आरबीआइ की ओर से मंगलवार तक कुछ रकम शहर में भेजी जाएगी।

100 के नोट ही निकले

रविवार को जिन एटीएम में कैश लोड किया गया था, इसका पता जैसेे ही आमजन को चला ऐसे एटीएम पर भीड़ लग गई। कई एटीएम पर तो लोग कतार में लगकर रुपए निकालते हुए देखे गए। जिन एटीएम में लोगों को रुपए मिले वहां भी सिर्फ 100 रुपए के नोट ही भरे गए थे। ऐसे में बड़ी रकम निकालने वालों को खासी दिक्कत हुई।

सहालग के कारण बढ़ेगी परेशानी
आने वाले दिनों में कई दिन बड़े सहालग हैं। इसके चलते आमजन को रुपयों की जरूरत होगी। बैंक और एटीएम में रुपए नहीं मिलने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ेगी। वहीं मंडियों में किसानों को भी इन दिनों रुपए की कमी आने वाली है।

500 और 2000 के नोटों की है तंगी
शहर में कुछ समय पूर्व तक आरबीआई की ओर से 500 और 2000 रुपए के नोट भेजे जा रहे थे। पर अब बड़े नोट नहीं आने के कारण एटीएम में छोटे नोट ही भरे जा रहे हैं। बैंक के आला अधिकारियों के मुताबिक आरबीआई की ओर से बड़े नोट नहीं भेजे जा रहे हैं। पिछले कुछ समय सेे तो नोट भेजे ही नहीं गए हैं।

एक एटीएम में सिर्फ ढाई लाख रुपए लोड
शहर में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के करीब 450 एटीएम में एजेंसियों द्वारा कैश भरा जाता है। एजेंसियों को संबंधित बैंक की चेस्ट शाखा कैश देती है। कुछ समय पूर्व तक एसबीआइ के प्रमुख बाजारों में लगे एटीएम में जहां 25 से 30 लाख रुपए कैश लोड होता था, वहीं दूसरे राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के एटीएम की क्षमता १२ से १५ लाख रूपए थी। वर्तमान में एक एटीएम में कैश भरने की ये क्षमता घटकर दो से ढ़ाई लाख रुपए रह गई है। इसके चलते ये एटीएम महज एक या दो घंटे में ही खाली हो जा रहे हैं।

तो मिलेंगे 20 और 50 के नोट
बैंक शाखाओं में जाकर जो लोग रुपया निकाल रहे हैं उन्हें भी 100 रुपए के नोट ही पकड़ाए जा रहे हैं। बैंककर्मियों केे मुताबिक यदि आरबीआइ की ओर से जल्द बड़ी रकम नहीं भेजी जाती है तो 20 और 50 रुपए के नोट देना शुरू कर दिया जाएगा।