Dholpur-Agra six lane Greenfield Expressway: 88 किलोमीटर लंबे धौलपुर-आगरा सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण नवंबर से शुरू होगा। इसके लिए 3 तीन राज्यों के 30 गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। नवंबर से शुरू होगा निर्माण।
Dholpur-Agra six lane Greenfield Expressway: यमुना एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर ग्वालियर को सीधे आगरा से जोड़ने के लिए 88 किलोमीटर लंबे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण नवंबर से शुरू हो जाएगा। इसके लिए आगरा, धौलपुर और मुरैना में भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) का काम पूरा हो चुका है और हितग्राहियों को राशि वितरण का कार्य अंतिम चरण में है।
एनएचएआई (NHAI) द्वारा उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और राजस्थान तीनों राज्यों में 88.400 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए उदयपुर की जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स कंपनी को 4612.65 करोड़ में ठेका दिया गया है। कंपनी यह कार्य नवंबर से शुरु करेगी और 30 महीने यानी 2028 में पूरा करना होगा। सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे में मध्यप्रदेश के चार जिले शामिल हैं। इसमें यूपी के 14, राजस्थान के 18 और मध्य प्रदेश के 30 गांवों की जमीन अधिग्रहण किया गया है।
ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट में अभी भू-अधिग्रहण का काम पूरा होने के बाद हितग्राहियों को राशि वितरण का कार्य अंतिम चरण में है। यह कार्य पूरा होते ही नवंबर से कार्य शुरू किया जाएगा। एनओसी सहित सभी कार्य पूरे हो चुके हैं। -प्रशांत मीणा, मैनेजर एनएचएआई
यह एक्सप्रेस-वे मुरैना दिमनी के बीच से होकर शनिश्चरा क्षेत्र से होते हुए सीधे ग्वालियर के महाराजपुरा क्षेत्र से जुड़ेगा। प्रोजेक्ट में आने वाले 30 से अधिक गांवों की भूमि अधिग्रहण का काम पूरा होने के साथ अब प्रभावित किसानों को अवार्ड की राशि का वितरण किया जा रहा है।
एक्सप्रेस-वे के बनने से सबसे अधिक फायदा दिमनी, अबाह और पोरसा क्षेत्र के लोगों को होगा। क्योंकि अभी तक इन क्षेत्रों के लोगों को आगरा जाने के लिए 130 किलोमीटर का सफर करीब 4 घंटे में पूरा करना पड़ता है। एक्सप्रेस-वे बनने के बाद 50 किलोमीटर की दूरी सिर्फ डेढ़ घंटे में पूरी कर आगरा पहुंच सकेंगे।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट के साथ कंपनी को ग्वालियर से धौलपुर होकर आगरा जाने वाले नेशनल हाइवे 44 की मरमत कार्य भी करनी होगी। कंपनी को वर्तमान हाइवे की मरमत के लिए सिर्फ एक साल का समय दिया जाएगा, यानी अक्टूबर-2026 तक कंपनी को इस हाइवे की मरमत करनी होगी।