
भू-माफिया सरकारी जमीन पर काट रहे प्लॉट, दबंग ने दिव्यांग की जमीन पर कर लिया कब्जा
ग्वालियर. जिले में बेशकीमती जमीन के साथ ही भू माफिया सरकारी जमीन पर प्लॉङ्क्षटग कर रहे हैं। इसके साथ ही स्टेट हाईवे पर एक दिव्यांग की जमीन पर कब्जा कर लिया है। दिव्यांग सहित अन्य लोगों ने दबंगों के खिलाफ एसडीएम से शिकायत की थी, लेकिन तहसीलदार और पटवारी ने न तो सीमांकन किया, न ही जांच की। अन्य जमीनों पर शासकीय भूमि पर कब्जा कर प्लॉङ्क्षटग करने वालों के आवेदनों की भी जांच नहीं हुई थी। अब इन सभी मामलों में अपर कलेक्टर स्तर से जांच शुरू की गई है। साथ ही अवैध तरीके से हो रही कॉलोनाइङ्क्षजग का रेकॉर्ड भी निकाला जा रहा है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम ङ्क्षसह ने बताया कि हाल में आई शिकायतों की जांच शुरू की गई है। भूखंड खरीदने वाले लोग जमीन की वास्तविकता का पता करने के लिए अलग से सीमांकन का आवेदन लगा सकते हैं।
इन जमीनों पर हुआ कब्जा
भितरवार: दिव्यांग की जमीन हथियाई
बागबई में महेन्द्र ङ्क्षसह ने दिव्यांग इंद्रजीत ङ्क्षशदे की जमीन को खुर्द बुर्द कर कब्जा कर लिया है। अब खेती भी नहीं करने दे रहे हैं। दरअसल, स्टेट हाईवे पर सर्वे नंबर 2113/37, 2091, 2093, 2094, 2102 अन्नपूर्णा फॉर्म के नाम से विजय गर्ग, दीप्ति गर्ग, इंद्रजीत ङ्क्षशदे, वरुण गर्ग, पदमिनी ङ्क्षशदे ने जमीन को विकसित किया था। विकसित की गई भूमि के पास ही महेन्द्र ङ्क्षसह की 9 बीघा जमीन थी। इसकी आड़ में उन्होंने आसपास की दूसरी जमीन पर धीरे-धीरे कब्जा करना शुरू किया और अब करीब 20 जमीन पूरी तरह से कब्जा ली हैं। इस मामले में फरियादी ने एसडीएम से शिकायत की थी, लेकिन तहसीलदार और पटवारी सीमांकन नहीं कर रहे हैं। अब यह मामला अपर कलेक्टर के पास पहुंचा है।
सिटी सेंटर: सरकारी जमीन पर प्लॉट दिए
-शहर की सीमा में मौजूद सालूपुरा गांव में भू माफिया ने निजी भूमि के नाम पर लोगों को सरकारी जमीन पर प्लॉट बेच दिए हैं। इस मामले की शिकायत होने के बाद अब जांच शुरू हुई है। जांच के लिए आए आवेदन में उल्लेख है कि सिटी सेंटर तहसील में आने वाले सालूपुरा गांव में सरकारी सर्वे नंबर 57, 76 और 56 पर गांव के जीतेन्द्र गुर्जर, बलराम गुर्जर, केशव गुर्जर ने अवैध तरीके से प्लॉङ्क्षटग कर दी थी। इसके बाद कब्जा सरकारी जमीन में दे दिया। इससे सामान्य लोगों की पूंजी पर खतरा हो गया है।
डबरा: नहर के किनारे कॉलोनी
टेकनपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे माधोपुर रोड पर करोड़ों रुपए की भूमि पर आवासीय क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। टेकनपुर और ग्वालियर के रहने वाले कॉलोनाइजर्स ने मिलकर सर्वे नंबर 389 का 0.500 हैक्टेयर रकबे की जमीन का विक्रय भी कर दिया है। नहर के किनारे विकसित हो रही इस कॉलोनी में ज्यादातर बीएसएफ कर्मी, शासकीय कर्मियों की विधवा सहित अन्य शासकीय और अर्धशासकीय कंपनियों में कार्यरत लोगों को प्लॉट बेचे जा रहे हैं।
पार्टनरों ने बेच दी जमीन
डोंगरपुर मौजे में व्यावसायिक उपयोग के लिए पार्टनरशिप में 5 करोड़ रुपए की जमीन खरीदने के बाद रामहेत ङ्क्षसह पुत्र सोबरन ङ्क्षसह निवासी रमौआ कुछ महीनों के लिए बाहर चला गया था। वापस आया तो पता चला कि उसके दो पार्टनरों ने मिलकर पूरी जमीन बेच दी। अब अपने हिस्से के पैसे लेने के लिए चक्कर लगा रहा है। पार्टनरशिप में हुए धोखे की वजह जमीन से हुई आमदनी बताई जा रही है।
Published on:
09 Sept 2022 08:22 pm
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