
gwalior landfill site
ग्वालियर. एक तरफ आसमान से बरसती आग और दूसरी तरफ पैरों के नीचे सुलगता कचरे का पहाड़ यह किसी डरावनी फिल्म का ²श्य नहीं, बल्कि हमारे शहर की कड़वी हकीकत है। लैंडफिल साइट ऐसे टाइम बम पर बैठी है, जो कभी भी शहर लोगों के स्वास्थ्य को अपनी चपेट में ले सकता है। आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि पुरानी गंदगी का अंबार अभी हटा नहीं था कि रोजाना आ रहे नए कचरे ने इस बोझ को असहनीय बना दिया है।
नतीजा लैंडफिल साइट पर हर दिन धधकती आग और उससे निकलता जहरीला धुआं, जो स्थानीय निवासियों के फेफड़ों में धीरे-धीरे जहर घोल रहा है। शहर को कचरे के पहाड़ से मुक्ति दिलाने के दावे लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि लैंडफिल साइट पर वर्षों पुराना कचरा आज भी जस का तस पड़ा हुआ है। हालात यह हैं कि लैंडफिल साइट पर 11.63 लाख टन और बुद्धा साइट पर करीब एक लाख टन पुराने कचरे का ढेर अब भी मौजूद है। दूसरी ओर शहर से निकलने वाला नया कचरा भी बोझ को बढ़ा रहा है।
लैंडफिल साइट पर हर दिन पहुंच रहे करीब 550 टन फ्रेश वेस्ट में से सिर्फ 250 टन का ही निष्पादन हो पा रहा है। बाकी कचरा फिर से डंङ्क्षपग साइट पर जमा हो रहा है। पुराने कचरे के निपटारे की जिम्मेदारी पहले डीसीसी कंपनी के पास थी। कंपनी ने करीब 6.5 लाख टन कचरे का निष्पादन करने का दावा किया, लेकिन काम बंद होने के बाद बचा हुआ कचरा फिर से समस्या बनकर खड़ा हो गया। अब निगम ने कंपनी पर कार्रवाई की तैयारी कर ली है और कोर्ट ने भी इसका प्रस्ताव खरिज कर दिया है।
कंपनी द्वारा निष्पादित कचरे से आरडीएफ (रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल) तैयार किया जाएगा। यह ऐसा ईंधन होता है जिसका उपयोग औद्योगिक इकाइयों में किया जाता है। कंपनी आरडीएफ को खुद बाजार में बेचने की योजना बना रही है।
लैंडफिल साइट पर लगे कचरे के ढेर को नई कंपनी से भी प्रोसेस कराया जाएगा। क्योंकि अपेक्स कंपनी को 1200 टन कचरे का प्रतिदिन निष्पादन करना है, इसमें 600 टन फ्रेश व 600 टन पुराना शामिल है। अभी कंपनी को 120 दिन का टाइम दिया गया है। बीच में काम छोडऩे वाली डीसीसी कंपनी पर भी अब ब्लैक लिस्ट की तैयारी है।
संघप्रिय आयुक्त नगर निगम
लैंडफिल साइट पर कचरे के काफी ढेर लगे हुए हैं लेकिन निगम को पहले पुराने वाले कचरे को खत्म करना चाहिए, क्योंकि इसके करने से कचरे के साथ जमीन भी खाली होगी। अभी फ्रेश कचरे को सेग्रीगेशन करने से अधिक फायदा नहीं मिलेगा। लैंडफिल साइट एकदम साफ व स्वच्छ होना चाहिए।
विनोद शर्मा, पूर्व निगमायुक्त नगर निगम
Published on:
24 Jun 2026 05:48 pm
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