
बैडमिंटन कोर्ट और विद्यालय के बाहर मिट्टी की लेयर बिछाई अब लगा रहे घास
श्योपुर। शहर और अंचल की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए अंतर राष्ट्रीय स्तर की आधुनिक सुविधाओं को विकसित करके खेल परिसर तैयार किया जा रहा है। खेल परिसर में 400 मीटर रनिंग ट्रैक, फुटबॉल मैदान बनकर लगभग तैयार है। इसके अलावा इनडोर बैडमिंटन कोर्ट भी तैयार किया जा चुका है। इस कोर्ट के बाहर गड्ढे और ऊबड़-खाबड़ जगह को सही करने के लिए मिट्टी डाली जा रही है। पीआईयू इंजीनियर सोनकर ने कोर्ट के बाहर सिर्फ आठ ट्रॉली मिट्टी डलवाई है। जबकि आवासीय छात्रों के पढऩे के लिए बने भवन के सामने भी मुश्किल से चार इंच मिट्टी डलवाई है। बारिश में यहां फिर से गड्ढे होने की संभावना है। घटिया तरीके से हो रहे इस काम को किसी भी तरह से पूरा करके हैंड ओवर करने की तैयारी पीआईयू के ईई द्वारा की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने के लिए ड्रोन से मैदान के फोटो कराने के साथ ही कुछ खिलाडिय़ों के साथ मैदान पर गतिविधि करवाने के बाद प्रजेंटेशन दिया गया है।
दरअसल, ढेंगदा स्थित आदिमजाति कल्याण विभाग के आवासीय खेल परिसर में 14.88 करोड़ रुपए की लागत से काम कराए गए हैं। इसके अलावा भवन निर्माण, बैडमिंटन कोर्ट आदि का निर्माण भी कराया गया है। हैंडओवर होने से पहले ही निर्माण में कमियां सामने आने लगी हैं और पीआईयू के इंजीनियर और निर्माण कर रहे ठेकेदार कमियों को छुपाकर आदिम जाति कल्याण विभाग को पूरा परिसर हैंडओवर करने की तैयारी कर चुके हैं। यह स्थिति तब है कि पिछले सप्ताह ही कलेक्टर ने मैदान का निरीक्षण करके सौंदर्यीकरण के काम पूरे करने के साथ ही कंकड़-पत्थर हटाकर घास लगाने के निर्देश दिए थे। पीआईयू ने कलेक्टर के इस निर्देश को ताक पर रख गुणवत्ता के साथ समझौता करके काम करा दिया है। अब पूरे काम को ऊपर से सुंदर दिखाकर लीपापोती करके सब कुछ सही दिखाने की कोशिश की जा रही है।
मैदान में भी कम डाल रहे पानी
-400 मीटर रनिंग ट्रैक के बीच में फुटबॉल मैदान बनाया गया है। इस मैदान में मिट्टी डालकर घास लगाई जा चुकी है। अब इस घास को हरा करने के लिए पानी डाला जा रहा है। ठेकेदार पानी बेहद कम डाल रहे हैं क्योंकि अगर ज्यादा पानी डाला गया तो मिट्टी बैठेगी और कमियां सामने आ सकती हैं। मैदान से जुड़े अधिकारियों की मानें तो ठेकेदार ने पीआईयू के अधिकारियों के साथ मिलकर फिलिंग वर्क की गुणवत्ता स्तर के अनुसार नहीं रखी है।
ट्रैक साफ रखने में भी उदासीनता
-रनिंग ट्रैक पर पहले 100 मीटर में 10 लाइन हैं, इसके बाद 8 लाइन का ट्रैक बनाया गया है। ट्रैक बनाने के बाद से लेकर अभी तक एक बार भी इसे धोया नहीं गया है। नियमानुसार रनिंग ट्रैक को साफ रखना जरूरी है अगर पानी से इसे साफ नहीं किया गया तो ट्रैक पर क्रैक आ सकते हैं।
वर्सन
-बैडमिंटन कोर्ट के बाहर असमतल जमीन को मिट्टी डालकर सही करने के निर्देश दिए हैं। मिट्टी डलवाई जा रही है। बेहतर काम कराने के लिए पीआईयू के इंजीनियर को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं। अगर मिट्टी सही तरीके से नहीं डाली जा रही है तो इसका निरीक्षण करके सही काम कराया जाएगा। पूरे परिसर को सुंदर बनाने के काम में किसी तरह की कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिवम वर्मा, कलेक्टर
Published on:
17 Jan 2023 10:14 pm
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