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नहरों में कम छोड़ा पानी, किसानों ने बीच में रोका, बन सकती है संघर्ष की स्थिति

जल संसाधन विभाग ने ओल्ड हरसी व हरसी हाई लेवल नहर में पानी छोड़ दिया है। लेकिन इन नहरों में ढाई मीटर तक ही पानी छोड़ा गया है, इस कारण आधे किसानों तक...

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नहरों में कम छोड़ा पानी, किसानों ने बीच में रोका, बन सकती है संघर्ष की स्थिति

ग्वालियर. जल संसाधन विभाग ने ओल्ड हरसी व हरसी हाई लेवल नहर में पानी छोड़ दिया है। लेकिन इन नहरों में ढाई मीटर तक ही पानी छोड़ा गया है, इस कारण आधे किसानों तक ही पानी पहुंच सका है। नहर के बीच में किसानों ने पानी को रोकना शुरू कर दिया है, जिससे चलते नीचे के किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसानों में संघर्ष की स्थिति बन सकती है। क्योंकि एक महीने से किसान पानी के इंतजार में थे, उन तक पानी नहीं पहुंच रहा है। 15 अगस्त से पहले किसानों को अपनी फसल रोपनी है। इस बार 60 फीसदी से अधिक जमीन पर धान की फसल होनी है। जून व जुलाई में हुई बारिश से बांधों में पर्याप्त पानी आ गया था, लेकिन जिला प्रशासन व जल संसाधन ने नहर खोलने की कार्रवाई नहीं की थी। किसान लंबे समय से पानी की मांग कर रहे थे। पत्रिका ने नहरों के मुद्दे को उठाया। इसके बाद कलेक्टर ने नहरों को खोलने के निर्देश दिए। गत दिवस सुबह 11:30 बजे दोनों नहरों में पानी खोल दिया गया, लेकिन पानी कम खोला गया। इस वजह से शुरूवात के किसानों तक ही पानी रह गया। जो लोग नीचे इंतजार कर रहे थे, उन्हें पानी नहीं मिला।


ऐसे मिलता है नहर से किसानों को पानी
- ओल्ड हरसी में किसानों को टेल एंड तक पानी मिलता है, जबकि हरसी हाई लेवल नहर में जौरासी तक पानी छोड़ा जाता है। साथ ही अधिक पानी होने पर रमौआ बांध को भी भरा जाता है, जिससे शहर के वाटर लेवल में सुधार होता है।
- खरीफ के सीजन में दूसरी फसलों की तुलना में धान का अधिक उत्पादन होता है, भाव भी अच्छे मिलते हैं। इसके चलते जिले के अधिकतर किसान धान की और लौटे हैं।
- बिजली भी किसानों को झटके दे रही है। कृषि फीडरों पर 10 घंटे बिजली नहीं मिल रही है। इस वजह से भी फसल प्रभावित हुई है।


बांधों की स्थिति
बांध--------- भरा
हरसी--------- 71 फीसदी
ककैटो--------- 66 फीसदी
पेहसारी--------- 75 फीसदी
अपर ककैटो--------- 8 फीसदी
मड़ीखेड़ा--------- 48 फीसदी
मोहनी सागर--------- 61 फीसदी

नहर का निरीक्षण कर रहे हैं
हरसी हाई लेवल नहर में 68 किमी तक पानी दे रहे हैं। अभी 52 किमी तक पानी आ गया है। नहर का निरीक्षण कर रहे हैं, जिससे जौरासी तक पानी पहुंच सके।
महेंद्र पवैया, एसडीओ हरसी हाईलेवल नहर


शिकायत की है
जुलाई के पहले सप्ताह से पानी के इंतजार में हैं, लेकिन जब नहर खुली तो कम पानी छोड़ा गया है। हमारे पास तक पानी नहीं आ पा रहा है। इसको लेकर विभाग से शिकायतें भी कर रहे हैं।
रणजीत ङ्क्षसह, किसान