28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लोकपाल को स्वत: संज्ञान में लेकर जांच शुरू करना चाहिए: कोर्ट

मनरेगा में फर्जी तरीके से निकाले 15 हजार 824 रुपए

less than 1 minute read
Google source verification
लोकपाल को स्वत: संज्ञान में लेकर जांच शुरू करना चाहिए: कोर्ट

लोकपाल को स्वत: संज्ञान में लेकर जांच शुरू करना चाहिए: कोर्ट

ग्वालियर. हाईकोर्ट की एकल पीठ ने उस याचिका का निराकरण कर दिया, जिसमें मनरेगा के जॉब कार्ड पर फर्जी तरीके से निकाले गए 15 हजार 824 रुपए की जांच की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि नियम सामाजिक लेखा परीक्षा पर विचार करते हैं। यह मामला काफी महत्वपूर्ण है। सोशल ऑडिट के तहत लोकपाल को यह स्वत: संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर देना चाहिए। कोर्ट भी इसकी अपेक्षा करता है। आदेश की कॉपी भिंड कलेक्टर को भेजने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल भिंड जिले के मेहगांव जनपद पंचायत के खेरिया पंचायत में रामश्री के नाम से मनरेगा में जॉब कार्ड बनाया गया। उनके नाम से मस्टर भरकर किसी दूसरे खाते में 15 हजार 824 रुपए ट्रांसफर कर दिए। जब यह मामला उन्हें संज्ञान में आया तो प्रशासन के पास शिकायत की, जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उनकी ओर से तर्क दिया गया कि मनरेगा के तहत फर्जी तरीके से रुपए निकाले गए हैं। इसकी जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए। कोर्ट ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद मनरेगा के लोकपाल को जांच के आदेश दिए हैं।