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आयरलैंड, जापान और अफ़ग़ानिस्तान में भी होती है भगवान गणेश की पूजा

लम्बोदर गणेश जी की पूजा दुनिया के तमाम देशों में की जाती है, और वहां उनकी भव्य प्रतिमाएं भी स्थित है।

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ग्वालियर। देवों के देव महादेव के पुत्र भगवान गणेश को सभी देवों में सर्वप्रथम पूजा का अधिकार मिला है। भारत में भी हर कोने में भगवान गणेश का मंदिर मिल जाता है। और श्रद्धालु पूरी भक्ति के साथ उनकी पूजा करते हैं। अगस्त और सितम्बर महीने के बीच १० दिनों तक गणेश चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जाता है। श्रद्धालु बप्पा को घर पर लेकर आते हैं। और १० दिनों तक पूरे भक्तिभाव के साथ उनकी आराधना करते हैं। और फिर अंतिम दिन गणेश प्रतिमा का विसर्जन कर अगले वर्ष फिर से आने की कामना करते हैं। ये परम्परा महाराष्ट्र समेत भारत के अनेक प्रांतों में चली आ रही है। लेकिन भारत के बाहर विदेशों में भी लोग भगवान गणेश की आराधना करते है और वहां उनकी भव्य प्रतिमाएं भी बानी हुई है। इन देशों में है भगवान गणेश की महिमा

जापान के कंगीतेन देवता
जापानी भाषा में भगवान गणेश को कंगीतेन के नाम से पुकारा जाता है। दरअसल जापान की राजधानी टोक्यो के असाकुसा क्षेत्र में जापानी बौद्ध धर्म के लकड़ी के बने सुन्दर मंदिरों की श्रृंखला है। ये जापान के हजारों साल पुराने मंदिरों में शुमार है। उन्हीं में से एक यहां ८ वीं शताब्दी का मत्सूचियामा शोडें मंदिर भी है जो जापानी देवता कंगीतेन (गणेश ) को समर्पित है। जापान में इस तरह के २५० से अधिक कंगीतेन देवता के मंदिर है।

दुनिया की सबसे ऊँची गणेश प्रतिमा, थाईलैंड
थाईलैंड के क्लोंग केउन जिला, चाचोएंगसाओ जगह पर ४०००० वर्ग मीटर भूमि पर बनी भगवान गणेश की प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊँची गणेश प्रतिमाओं में शामिल है। इसे इतना ऊँचा बनाने का मकसद था ताकि जमीं पर नजर बनाई जा सके और स्थानीय जीवन शैली व अर्थव्यवस्था के साथ तालमेल बिठाया जा सके। कांस्य की बनी इस प्रतिमा को २००८ में बनाना शुरू किया गया और २०१२ में यह बनकर तैयार हो गयी।

आयरलैंड का विक्टर्स वे मैडिटेशन गार्डन
आयरलैंड के पार्क में अधिकांश काले ग्रेनाइट की बनी मूर्तियां लोगों को काफी सुकून देती है। इस पार्क में ऐसी मूर्तियों को ही बनाया गया जिससे लोग शांति का एहसास कर सके। पार्क में स्थित ८ मूर्तियां भगवन गणेश को समर्पित हैं जिनमें वे हाथी पर नाचते हुए, संगीत वाद्ययंत्र बजाते हुए और पुस्तक पड़ते हुए दिखाई देते हैं। भगवान गणेश को बुद्धि का देवता कहा जाता है। उनकी इन सभी मूर्तियों को तमिलनाडु में तैयार किया गया।


इंडोनेशिया के ज्वालामुखी के मुहाने पर भगवान गणेश
इंडोनेशिया में १४१ ज्वालामुखी में १३० अभी भी सक्रिय है उन्हीं में से एक है माउंट ब्रोमो। यह पूर्वी जावा प्रान्त में ब्रोमो टेंगर सेमेरु राष्ट्रीय उद्यान में स्थित है। इस ऊँचे ज्वालामुखी पर भगवान गणेश की एक भव्य प्रतिमा मौजूद है। लोगों का मानना है यह ७०० साल पुरानी है, और इसे उनके पूर्वजों ने स्थापित किया था। जावानीस लोगों का मानना है कि ये प्रतिमा स्थानीय लोगों की रक्षा करती है। इसीलिए यहां कितनी भी विकराल स्थिति क्यों न हो, लोग भगवान की पूजा जारी रखते हैं।

नेपाल के गणेश मंदिर
राजधानी काठमांडू समेत पूरे नेपाल में भगवान गणेश के अनेक भव्य मंदिर मौजूद हैं लेकिन काठमांडू घाटी में सबसे लोकप्रिय मंदिरों में शुमार कमलादि गणेश जी को श्वेत गणेश भी कहा जाता है। मंगलवार को इस मंदिर में काफी चहल पहल रहती है। इस दिन श्रद्धालु दूर दूर से आकर भगवान की आराधना करते हैं।

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अफ़ग़ानिस्तान में मिली गणेश मूर्ति
अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के पास गार्देज में भगवान गणेश की मूर्ति को पाया गया। इसके संरक्षण के लिए कई हिन्दू तीर्थयात्रियों ने प्रयास किया। इसे खिंगल नाम के एक राजा ने समर्पित किया था। भगवान गणेश की इस प्रतिमा के मिलने से अफ़ग़ानिस्तान में हिन्दू संस्कृति के पुरातन अवशेषों का दावा और भी मजबूत हो गया।

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