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MP LPG Shortage: 3 महीने बाद बंद हो जाएगा गैस सिलेंडर का कनेक्शन, ये है कारण

MP LPG Shortage: जिला आपूर्ति विभाग की टीम ग्वालियर गैस एजेंसी पहुंची। टीम ने पूरा सिस्टम जांचा और रिपोर्ट तैयार कर रही है।

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MP LPG Shortage

MP LPG Shortage (Photo Source - Patrika)

MP LPG Shortage: अमेरिका-ईरान तनाव की खबरों और सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों ने जिले में हड़कंप मचा दिया। तेल खत्म हो रहा है जैसी अफवाहों के चलते लोगों में पेट्रोल डीजल स्टोर करने की होड़ मच गई। नतीजा हर दिन करीब 50 हजार लीटर अतिरिक्त खपत दर्ज की गई। हालांकि जिले के 217 पेट्रोल पंपों पर अभी भी 5 से 6 दिन का पर्याप्त स्टॉक बचा है। डर ने जितना बिगाड़ा, उतना वास्तविक संकट नहीं था।

दूसरी ओर घरेलू गैस सिलेंडर का संकट गहरा गया है। जिले में करीब 50 हजार सिलेंडरों की वेटिंग लिस्ट चल रही है, जबकि एजेंसियां रोजाना सिर्फ 10 हजार उपभोक्ताओं तक ही डिलीवरी पहुंचा पा रही हैं। संकट के बीच कुछ गैस एजेंसियों ने बड़ा खेल खेल लिया सब्सिडी खाते में आ गई, लेकिन सिलेंडर घर नहीं पहुंचा।

जिला प्रशासन की कार्रवाई

जिला आपूर्ति विभाग की टीम ग्वालियर गैस एजेंसी पहुंची। टीम ने पूरा सिस्टम जांचा और रिपोर्ट तैयार कर रही है। ग्वालियर गैस एजेंसी को लेकर कई शिकायतें थीं। हमने जांच की है। रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा और गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई होगी। अरविंद भदौरिया, जिला आपूर्ति नियंत्रक

3 महीने में बंद होगा सिलेंडर

अवंतिका गैस व जिला आपूर्ति विभाग ने सिटी सेंटर स्थित मल्टी स्टोरी में शिविर लगाए। सोसायटी के पदाधिकारियों को नए नियम की जानकारी दी। यदि 3 महीने के भीतर पीएनजी का कनेक्शन लेना होगा। तीन महीने बाद सिलेंडर की आपूर्ति बंद हो जाएगी। इसके अलावा होटलों में भी कनेक्शन देना शुरू कर दिया है। शनिवार को एक होटलको पीएनजी का कनेक्शन दिया गया। जिला आपूर्ति नियंत्रक अरविंद भदौरिया का कहना है कि जिन लोगों के यहां पीएनजी के कनेक्शन हो सकते हैं, उन्हें पीएनजी कनेक्शन लेना होगा।

शिकायत लेकर पहुंचे राजीव

-प्लाजा स्थित ग्वालियर गैस एजेंसी पर सबसे ज्यादा शिकायतें आईं। अनिल शर्मा समेत कई उपभोक्ता शिकायत लेकर पहुंचे कि उनके खाते में सब्सिडी क्रेडिट हो गई, लेकिन सिलेंडर डिलीवरी नहीं हुई।

-संकट का फायदा उठाकर कुछ एजेंसियों ने ब्लैक मार्केटिंग शुरू कर दी। नंबर लगने के बाद 20 दिन तक सिलेंडर नहीं पहुंचे। शुरुआत में बुकिंग नंबर बंद हो गए थे, फिर भी एजेंसियों ने बिना डीएसी कोड जनरेट किए सिलेंडर वितरित कर दिए।

-नतीजा—रिकॉर्ड में 500-500 सिलेंडर की गड़बड़ी सामने आई। गैस कंपनियों ने अब एजेंसियों से पूरा हिसाब मांगा है।

एक नजर यहां पर ....

-सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों से हड़कंप
-पेट्रोल डीजल स्टोर करने की होड़
-घरेलू गैस सिलेंडर का संकट गहरा
-50 हजार सिलेंडरों की वेटिंग लिस्ट
-10 हजार उपभोक्ताओं तक ही डिलीवरी पहुंचा पा रही