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महिला पर्यवेक्षक का रिजल्ट हुआ अनाउंस, यहां क्लिक करकें देखें अपना रिजल्ट

म.प्र व्यापम बोर्ड द्वारा आयोजित महिला पर्यवेक्षक के लिए आयोजित की गई परीक्षा का परिणाम रविवार को दोपहर १२ बजे व्यापमं द्वारा घोषित कर दिया गया है।

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chhindwara patrika

ग्वालियर। म.प्र व्यापम बोर्ड द्वारा आयोजित महिला पर्यवेक्षक के लिए आयोजित की गई परीक्षा का परिणाम रविवार को दोपहर १२ बजे व्यापमं द्वारा घोषित कर दिया गया है। परीक्षार्थी अपना रिजल्ट व्यापमं की साइट पर जाकर देख सकते हैं। इस परीक्षा में पूर प्रदेश के लाखों महिला परीक्षार्थी शामिल हुई थीं। फरवरी माह में 300 से ज्यादा पदों के लिए आयोजित की गई इस परीक्षा का परिणाम आ चुका है।

यहां पर क्लिक करके आप अपना रिजल्ट देख सकते हैं.......CLICK HERE FOR LINK


http://www.vyapam.nic.in/results/RESULT_17/ABV_RES17/default_results.htm



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चार दिन बीते, 48 में से सिर्फ १२ नर्सिंग कॉलेजों ने भेजा छात्रों की हाजिरी का डाटा
जीवाजी यूनिवर्सिटी (जेयू) ने स्टेट विजिलेंस एंड एंटीकरेप्शन ब्यूरो हिमाचल प्रदेश के पत्र के आधार पर शहर के सभी नर्सिंग कॉलेजों से विगत १९ सितम्बर को सत्र 2013-14 और 2014-15 के छात्रों की हाजिरी का डाटा मांगा था। लेकिन चार दिन बीतने के बाद भी महज एक दर्जन नर्सिंग कॉलेज ही अपनी जानकारी जेयू को भेज पाए हैं। अब जेयू दोबारा रिमांडर जारी करने का प्लान बना रहा है जिसे सोमवार तक जारी कर दिया जाएगा।


उल्लेखनीय है कि स्टेट विजिलेंस एंड एंटीकरेप्शन ब्यूरो हिमाचल प्रदेश को शिकायत मिली थी कि जेयू से पास आउट बड़ी संख्या में छात्र हिमाचल प्रदेश के अस्पतालों में नौकरी कर रहे हैं। एक शिकायत के आधार पर जब इन लोगों की बारीकी से पड़ताल की गई तो पता चला कि इनको काम का कोई अनुभव नहीं है। कई मेल और फीमेल नर्स पर विभिन्न अस्पतालों में इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप भी हैं। फिलहाल हिमाचल का स्वास्थ्य विभाग यह जानने की कोशिश कर रहा है कि आखिर इन लोगों ने नर्सिंग की डिग्री कैसे ली? डीसीडीसी प्रो.डीडी अग्रवाल का कहना है कि कुछ कॉलेजों को छोड़कर अधिकांश कॉलेजों ने अभी छात्रों की हाजिरी का रिकॉर्ड नहीं भेजा है। जिन कॉलेजों का रिकॉर्ड नहीं आया है उन्हें एक बार रिमांडर भेजा जाएगा। अगर फिर भी डाटा नहीं आता है तो हम रिपोर्ट बनाकर स्टेट विजिलेंस एंड एंटीकरेप्शन ब्यूरो हिमाचल प्रदेश को भेज देंगे।


85 प्रतिशत छात्र दूसरे राज्यों के

शहर के नर्सिंग कॉलेजों में 85 प्रतिशत छात्र केरल, यूपी और राजस्थान के हैं। ये दलालों के माध्यम से ठेके पर एडमिशन लेते हैं। साथ ही परीक्षा देने के लिए सिर्फ एक बार शहर में आते हैं। इनकी हाजिरी और प्रेक्टिस का रिकॉर्ड सिर्फ कागजों में दौड़ता है।