अचलेश्वर मंदिर क्षेत्र में ही आधा दर्जन मैरिज गार्डन हैं, जिनका अपशिष्ट पास में मौजूद नाले में फेंका जा रहा है। इसके अलावा कचरे में आग लगाने से आसपास का क्षेत्र भी प्रदूषित होता है। इसके अलावा विनयनगर, चेतकपुरी, थाटीपुर, दर्पण कॉलोनी, तेंडुलकर मार्ग जैसे क्षेत्रों में खुलेआम फेंकी जाने वाली गंदगी से निकलने वालीं विषैली गैसें वातावरण को जहरीला कर रही हैं।