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बड़ी खबर: शहीद श्याम सिंह का शव पहुंचा भिंड, मौत पर परिजनों का आक्रोश, 5 किमी लंबा लगाया जाम

शहीद श्याम सिंह का शव पहुंचा भिंड, मौत पर परिजनों का आक्रोश, 5 किमी लंबा लगाया जाम

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shyam singh

शहीद श्याम सिंह का शव पहुंचा भिंड, मौत पर परिजनों का आक्रोश, 5 किमी लंबा लगाया जाम

भिण्ड। जम्मू के अखनोर में गोली लगने से हुई भिण्ड के दुर्गानगर निवासी सैनिक श्यामवीर सिंह राजावत की मौत के बाद उनका पार्थिव शरीर जम्मू से गृहनगर के लिए हवाई जहाज से रवाना किया गया था। शव जम्मू से दिल्ली के रास्ते ग्वालियर लाया गया। जहां से सडक़ मार्ग से भिण्ड पहुंचा। सैनिक का अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जाएगा।

आर्मी में सिग्नल ऑपरेटर के रूप में पदस्थ श्यामवीर सिंह राजावत जून 2016 में भर्ती हुए थे। छह माह की ट्रेनिंग के बाद उन्हें जम्मू के अखनोर में पदस्थ किया गया था। बुधवार की अलसुबह वे अपनी पोस्ट पर जाने के लिए निकले थे उसके बाद उनके साथियों को रास्ते में श्यामवीर सिंह का शव पड़ा दिखा। सेना के अधिकारियों के अनुसार उनकी मौत गोली लगने से हुई है।

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शुक्रवार को शव भिंड पहुंचने के बाद से स्थिती नाजुक बनी हुई है। परिवार के लोग आर्मी ने सवाल कर रहे हैं कि श्याम की गोली कैसे लगी। किसने श्याम को गोली मारी है। ? आर्मी की ओर से श्याम की मौत गोली लगने से बताई जा रही है लेकिन यह पुष्टी नहीं की गई है कि गोली लगी कैसे? किसने श्याम को गोली मारी है?

- आर्मी जवान श्यामवीर सिंह राजावत का पार्थिव शरीर शुक्रवार की सुबह 7.30 बजे शहर के दुर्गा नगर स्थित उनके आवास पर लाया गया, विदित हो कि श्यामवीर सिंह की ड्यूटी के दौरान जम्मू के अखनूर में गोली लगने से मौत हो गई थीद्य सब लेकर आए सेना के अधिकारियों ने तिरंगे में लिपटे ताबूत को श्यामवीर सिंह राजावत के घर पर रखा जहां शहीद सैनिक की एक झलक पाने के लिए आसपास के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।शहीद जवान श्यामवीर सिंह का अंतिम संस्कार उसके ग्रह गांव ककहरा में किया जाएगा

- भिंड सैनिक के परिजनों ने नेशनल हाईवे को घेरा एंबुलेंस आधे घंटे तक खड़ी रही परिजनों का कहना है की मृत्यु कैसे हुई है उसका हमें जवाब दो

- हाईवे पर जाम सैनिक श्याम सिंह राजावत की परिजनों ने लगाया जाम, जाम के बाद हालात तनावपूर्ण

- SP रुडोल्फ अल्वारेस पहुंचे मौके पर लेकिन उग्र भीड़ उनकी बात ना तो सुनने को तैयार न मानने को तैयार

- फोर्स के संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक रुडोल्फ अल्वारेस मौके पर पहुंचे स्थानीय विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा बसपा नेता संदीप कुशवाह

- परिजनों की मांग है मौत का सच पूरी तरह से क्लियर हो कर बताया जाए ,इस संबंध में लगभग आधा घंटे से एसपी से बात चल रही है

- सैनिक बड़ा भाई राम राजा बदौलत गाड़ी पर खड़ा होकर प्रर्दशन कर रहा है। सैंकड़ो युवा श्याम की मौत की पुष्टी सही तरीके से करने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही श्याम को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
सैनिक के परिजन अवंतिका चौराहे लगाने

- भिंड एसपी कलेक्टर से सैनिक के बड़े भाई रामदयाल राजावत बातचीत की जा रही है।

- अवंती बाई चौराहे के चारों ओर 1 किलोमीटर तक जाम उग्र भीड़ कोई बात सुनने को तैयार नहीं है। लोगों की भीड़ इक_ा होती जा रही है। अभी तक कोई निर्णायक जवाब नहीं पहुंचा है प्रदर्शन करने वाली भीड़ पर या मृतक के परिजनों पर

- भिंड स्थानीय विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह संजू सिंह कुशवाह मुंह विवाद होता हुआ

- उग्र भीड़ के साथ परिजन कलेक्टर चेंबर तक जा पहुंचे। सीधी सीधी परिजनों की मांग शहीद का दर्जा दिया जाए हालांकि प्रशासन फौज के आला अधिकारियों से बात करने में लगा हुआ है, कलेक्टर एसपी जिले के संबंधित अधिकारी कलेक्टर चेंबर के अंदर फोन से बात फौज के आला अधिकारियों से करते हुए

- 5 किलोमीटर तक लगा जाम अवंती बाई चौराहा से लेकर दीनपुर तक लगा जाम

- अवंती चौराहा बैठे संजीव सिंह कुशवाह मांग की है सैनिक के परिजन में शहीद का दर्जा मिले और एक नौकरी मिले छोटे भाई को..................

भाइयों में मझले थे श्यामवीर सिंह
पेशे से कृषक रमेश राजावत के तीन बेटे थे जिनमें बड़ा बेटा रामदयाल राजावत है जो एसएसबी में सेवारत होकर असम में पदस्थ है। सबसे छोटा बेटा दीपक राजावत 19 वर्ष का है जो अभी अध्ययनरत है। श्यामवीर सिंह मझले थे। श्यामवीर सिंह की शादी के लिए परिवारीजनों ने लडक़ी देखना शुरू कर दिया था। बताया गया है कि एक जगह रिश्ता पक्का होने वाला था, लेकिन तकदीर को कुछ और ही मंजूर था।

एक माह की छुट्टियां बिताकर सितंबर में ड्यूटी पर लौटे थे राजावत
यहां बता दें कि आर्मी जवान श्यामसिंह सिंह राजावत रक्षाबंधन पर अपने घर पर ही थे। एक माह की छुट्टियां बिताने के बाद वे सितंबर के पहले पखवाड़े में ड्यूटी पर जाने के लिए रवाना हुए थे। बुधवार को जैसे ही उनके परिजनों को श्यामवीर सिंह की गोली लग जाने से मौत की सूचना मिली तो पूरे दुर्गानगर में शोक व्याप्त हो गया।