24 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

प्रसूता और बच्ची की मौत पर हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

परिजनों का कहना था कि रातभर हमारी किसी ने नहीं सुनी। कोई भी डॉक्टर रात में प्रसूता को देखने नहीं आया, इससे हालत बिगडऩे से उसकी मौत हो गई।
less than 1 minute read
Google source verification
maternity

प्रसूता और बच्ची की मौत पर हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

ग्वालियर। केआरएच में गुरुवार को सुबह प्रसूता और उसकी नवजात बच्ची की मौत पर परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर शव रखकर हंगामा कर दिया। परिजनों का कहना था कि रातभर हमारी किसी ने नहीं सुनी। कोई भी डॉक्टर रात में प्रसूता को देखने नहीं आया, इससे हालत बिगडऩे से उसकी मौत हो गई।

तहसील चीनोर के ग्राम भौंती में रहने वाले नवल जाटव ने अपनी पत्नी वंदना को बुधवार को केआरएच में भर्ती कराया था। इसके बाद रात को 8 बजे के करीब वंदना ने ऑपरेशन के जरिए बच्ची को जन्म दिया। डिलेवरी के बाद से ही वंदना की हालात बिगडऩे लगी। इसकी जानकारी रात में ही परिजनों ने वहां मौजूद स्टाफ को दी। इसके बाद प्रसूता को रात एक बजे के करीब इंजेक्शन लगाया गया, लेकिन उससे हालत में सुधार नहीं हुआ और गुरुवार सुबह महिला और बच्ची की मौत हो गई।

ससुर महाराज सिंह जाटव ने कहा कि उनकी बहू की मौत का कारण इलाज कर रहे डॉक्टर और नर्स की लापरवाही है। यदि रात में ही ठीक से इलाज मिल जाता तो मौत नहीं होती। जानकारी मिलते ही काफी संख्या में परिजन एकत्र हो गए। सुबह डॉक्टरों ने वंदना का शव परिजनों को सौंपा तो परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर हंगामा कर दिया।

महिला की मौत की खबर लगी है, लेकिन उसके परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। वह लिखित में देकर गए हैं कि हमें कोई शिकायत नहीं है।
डॉ.अशोक शर्मा, अधीक्षक जेएएच