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breaking: एक ही कमरे में हुआ युवक-युवतियों का मेडिकल चेकअप,देखें वीडियो

एक ही कमरे में हुआ युवक-युवतियों का मेडिकल चेकअप

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ग्वालियर। प्रदेश के धार जिले में पुलिस भर्ती प्रक्रिया में मेडिकल देने आए युवाओं के सीने पर एससी एसटी लिखने का मामला अभी शांत ही नहीं हुआ था कि ग्वालियर चंबल संभाग के भिंड जिले में पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में एक नया मामला सामने आया है। यहां भिंड में महिला और पुरुषों का एक ही कमरे में मेडिकल टेस्ट किया जा रहा था। इतना ही नहीं जिला अस्पताल में जब यह मेडिकल टेस्ट किया जा रहा था तो वहां कोई भी महिला डॉक्टर मौजूद नहीं थी।

जिसका वीडियो बुधवार को वायरल हो गया। वीडियो वायरल होते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया और इस संबंध में अधिकारी कर्मचारियों को जिला अस्पताल के सिविल सर्जन द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं तथा प्रभारी पुलिस अधीक्षक गुरु करण सिंह ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। उनका कहना है कि मेडिकल एग्जामिनेशन के लिए महिला पुलिसकर्मियों को भी साथ में भेजा गया था फिर वहां मौजूद क्यों नहीं रही इसकी जांच कराई जा रही है जो भी जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आपको बता दें कि भिंड पुलिस लाइन में 217 नए महिला और पुरुष आरक्षकों की भर्ती हुई है। अलग-अलग चरणों में जिला अस्पताल में इनका मेडिकल टेस्ट करवाया जा रहा है। भिंड अस्पताल में चल रहे मेडिकल में एक ही कमरे में युवक और युवतियों का मेडिकल चेकअप किया गया और इस दौरान युवतियों के सामने युवकों को अर्धनग्न करवाया गया।

नहीं है महिला डॉक्टर
भिंड पुलिस लाइन में 217 नए महिला और पुरुष आरक्षकों की भर्ती हुई है। जिनको मेडिकल परीक्षण के दौरान युवकों और युवती का एक ही कमरे में मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। युवती के सामने युवकों को अर्धनग्न कराकर हुआ मेडिकल परीक्षण किया जा रहा है। वहीं युवती के मेडिकल परीक्षण के दौरान मौके पर महिला डॉक्टर भी नहीं है।

दो पुलिस अफसर निलंबित
प्रदेश के धारा जिले में भी पुलि कॉन्सटेबल भर्ती के दौरान स्वास्थ्य परीक्षण के समय चयनित उम्मीदवारों के सीने पर एससी-एसटी भी लिखा गया था। इस बात का जमकर विरोध हुआ था। इतना ही नहीं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी मध्यप्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

हालांकि,धार के सीएमएचओ डॉ.आरसी पनिका ने दावा किया था कि ये अल्फाबेट अस्पताल के ही किसी अधिकारी ने लिखे हैं। उन्होंने प्राथमिक जांच के आधार पर ये बात बताई। लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि अधिकारी ने ऐसा किसके कहने पर किया है। वहीं इस मामले में दो पुलिस अफसर भी निलंबित किए गए।