
महिला बाल विकास मंत्री इमरतीदेवी सुमन ने किया आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण, अधिकारियों को लगाई फटकार
ग्वालियर. आप 130 बता रही हो और यहां तो 21 बच्चे ही दिख रहे हैं। आप बोल रही हैं कि नाश्ता बटा है, जबकि यह बच्चे अभी आकर बैठे हैं और आपके ही सामने बोल रहे हैं कि इन्होंने कुछ नहीं खाया है। आप लोग बच्चों को झूठी-सच्ची पट्टी पढ़ाकर बैठा देते हो, लेकिन बच्चे तो सच बोल ही देते हैं, बाद में हमें बातें सुननी पड़ती हैं।
कुछ इस तरह का उलाहना प्रदेश की महिला बाल विकास मंत्री इमरतीदेवी सुमन ने शहर के आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करने के दौरान अधिकारियों को दिया। इसके जवाब में डीपीओ ने बताया कि बच्चों को पोषण आहार खिलाया है, लेकिन वे उपमा समझ नहीं पाए, इसलिए सही तरीके से बोल नहीं पाए। मंत्री ने शनिवार को सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक अलग-अलग केन्द्रों का निरीक्षण किया।
आंगनबाड़ी केन्द्र भ्रमण के दौरान उन्होंने मौनी नाम के बच्चे से बुलाकर पढ़ाई के बारे में पूछताछ की, इसके बाद स्कूल जाने का समय पूछा तो बच्चे ने बताया कि सुबह 9.30 बजे से है तो मंत्री बोलीं कि इस समय तो स्कूल में होना चाहिए था, इस पर बच्चे ने बताया कि शनिवार को हाफ डे रहता है। इसके बाद छोटी बच्ची कामिनी से पूछा कि खाने में क्या मिला तो बच्ची ने बताया कुछ नहंी मिला है। निरीक्षण के दौरान मंत्री के साथ विभाग की संयुक्त संचालक सीमा शर्मा, डीपीओ राजीव सिंह, महिला सशक्तिकरण अधिकारी शालीन शर्मा सहित अन्य स्टाफ मौजूद था।
सुबह: 11 बजे , स्थान: वार्ड-17 आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्र चमड़ा मिल
मंत्री ने केन्द्र पर मौजूद कनक और सलोनी से पूछा आंगनबाड़ी में खाने को क्या मिलता है। बच्चियों ने बताया कि उपमा बना था, किसी ने नहीं खाया। इस पर मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि उपमा बनाते हो तो इसमें हरी सब्जियां भी डाल दिया करो, जिससे बच्चों को स्वाद मिले।
सुबह-11.45 बजे , स्थान: इंदिरा नगर आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्र
मंत्री ने पूछा, यहां कितने बच्चे पंजीकृत हैं। कार्यकर्ता ने बताया कि 130 बच्चे हैं, इस पर मंत्री ने बोला कि यहां दिख तो 21 ही रहे हैं, बाकी के बच्चे कहां हैं। इस पर कार्यकर्ता की बजाय डीपीओ राजीव सिंह ने बताया कि केन्द्रों पर 3 साल तक के बच्चों को टीका आदि लगवाने के लिए लाया जाता है। यहां दर्ज बच्चों में से 2 कुपोषित हैं और 6 बच्चे पीले कार्ड धारक परिवार से हैं। 130 लाडली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत और 20 बच्चे प्रधानमंत्री मातृत्व योजना के अंतर्गत लाभान्वित कराए गए हैं।
सुबह-12.10 बजे , स्थान: एनआरसी सेंटर थाटीपुर
केन्द्र पर गोसपुरा क्षेत्र की 18 महीने की हिमांशी, 12 महीने की आफरीन की मां ने बताया कि यहां कुछ नहीं मिलता है, इस पर काउंटर करते हुए अधिकारियों ने कहा कि इनका बच्चा पहले एसएनसीयू में भर्ती था, वहां कुछ नहीं मिलता था, यहां 120 एमएल दूध मिलता है। इस दौरान संयुक्त संचालक सीमा शर्मा ने एनआरसी के स्टाफ से कहा कि इनको फीडिंग आदि की जानकारी नहीं देते हो क्या? गोपालपुरा से आए 11 महीने के सत्या के माता पिता ने बताया कि वैसे तो हम प्राइवेट में इलाज करा थे, जब केन्द्र के बारे में जानकारी मिली तो यहां ले आए। सुबह 9 बजे बच्चे को दूध दिया गया था।
खाली भवनों में बनायें केन्द्र
निरीक्षण के दौरान मंत्री इमरतीदेवी ने अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में आंगनवाड़ी भवन नहीं हैं, वहां अगर सामुदायिक भवन खाली हैं, तो उनमें केन्द्र संचालन का प्रस्ताव बनाओ। यह प्रस्ताव कल तक तैयार कर लो, जिससे जिला योजना समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री के समक्ष रखकर स्वीकृति कराने की कोशिश की जाए।
Published on:
10 Feb 2019 12:46 pm
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