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ग्वालियर की मिताली पड़ी पूरे 51 जिलों पर भारी, CBSE 10th में किया पूरा MP TOP

सीबीएसई की दसवीं परीक्षा में गल्र्स ने मारी बाजी, मिताली जैन ने पूरे प्रदेश में बढ़ाया ग्वालियर का मान

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ग्वालियर की मिताली पड़ी पूरे 51 जिलों पर भारी, CBSE 10th में किया पूरा MP TOP

ग्वालियर । सीबीएसई ने 12 वीं के नतीजे के तीन दिन बाद मंगलवार को 10 वीं के परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिए। शहर में 83 प्रतिशत स्टूडेंट्स ने परीक्षा में सफलता प्राप्त की। गल्र्स ने इस बार फिर से बाजी मारते हुए टॉप फोर पर कब्जा किया है। कॉर्मल कॉन्वेंट की स्टूडेंट मिताली जैन 98.8 प्रतिशत अंक के साथ सिटी और एमपी टॉप किया है। जबकि 98.2 परसेंट लेकर सिंधिया स्कूल फोर्ट के आदित्य पराशर सेकंड 96.6 प्रतिशत के साथ एलएएचएस की संस्कृति गुप्ता थर्ड और ग्वालियर ग्लोरी की श्रुति तरसोलिया ९७.४ प्रतिशत माक्र्स के साथ फोर्थ पोजिशन पर रहीं।


आठ साल बाद हुआ बोर्ड
सीबीएसई ने इस बार एग्जाम के पैटर्न में बदलाव किया था। लगभग 8 साल बाद ग्रेडिंग के बजाए दसवीं को बोर्ड किया था। जिसके चलते स्टूडेंट्स पर दवाब था। शहर में लगभग 7 हजार स्टूडेंट्स ने दसवीं का एग्जाम दिया था जिसमें से 83 प्रतिशत स्टूडेंट्स सफल रहे। गल्र्स की बात करें तो सफल होने का प्रतिशत 75 रहा जबकि बॉयज का पासिंग परसेंट ७८ रहा जो कि गल्र्स से ७ प्रतिशत कम है।

मुश्किल से दिया था संस्कृत का पेपर
सीबीएसई 10 वीं का 2 अप्रैल को संस्कृत का पेपर था। इसी दिन शहर में उपद्रव के चलते माहौल खराब था। मिताली जैन दादाजी के साथ मुश्किल से परीक्षा सेंटर पर पहुंची। जगह -जगह हो रही तोडफ़ोड़ से मिताली परेशान थी, लेकिन इसके बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी और एग्जाम दिया। मंगलवार को जब रिजल्ट घोषित किया गया तो मिताली जैन और उसके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मिताली का सपना है कि वो आईएएस बनकर देश की सेवा करें। बकौल मिताली उन्हें ग्वालियर के तत्कालीन कलेक्टर आकाश त्रिपाठी द्वारा लिए गए निर्णयों ने बहुत अधिक प्रभावित किया और उन्होंने तब ही ये ठान लिया कि वो भी आईएएस बनेंगी। हालांकि अभी आईएएस बनने के लिए मिताली को बहुत सी सीढि़यां पार करना है, लेकिन उन्होंने इसके लिए तैयारी अभी से शुरू कर दी है।

टॉपर्स बोले- मौका मिला तो सुधारेंगे शहर की व्यवस्था

मौजूदा समय में एजुकेशन सिस्टम बहुत ही खराब है इसे सुधारने की जररूत है। पैरेंट्स हो या फिर स्कूल स्टूडेंट्स पर अच्छा करने का दवाब बनाते हैं, जिसके कारण बच्चे दवाब में आ जाते हैं। एेसा नहीं होना चाहिए, हालांकि कुछ स्कूल बच्चों को मोटिवेट भी करते हैं।दवाब का कारण है कि बच्चों की हॉबीज खत्म होती जा रही हैं और वो सिर्फ पढ़ाई और पढ़ाई के कारण टेंशन में रहते हैं। इसलिए अगर मुझे मौका मिला तो शहर की एजुकेशन व्यवस्था को सुधारूंगी और हॉबीज को अधिक प्रामोट करूंगी।

मिताली जैन, एमपी टॉपर

लिटिलएंजिल : LITTLE ANGEL HIGH SCHOOL GWALIOR

संस्कृति गुप्ता ९७.६ %

महक वीरवानी ९७.२%

कृष्णा जैन ९६.६ %

यादृशी दीक्षित ९६.२%

अनुष्का शर्मा ९४.२%

आश्री गुप्ता ९४ %

उमेका अग्रवाल ९३.४%

गरिमा मंगल ९३.८%

च्येष्ठा अरोरा ९३.२%

हर्षिता अगवाल ९२%

श्रेयांशी अग्रवाल ९२%

आयुष अग्रवाल ९०%

हिमांशु ८२.३ %

ग्वालियर ग्लोरी: GWALIOR GLORY SCHOOL

श्रुति तरसौलिया ९७.४ %

तनवी खेड़कर ९७ %

ध्रुव अग्रवाल ९७ %

दिव्यांशी गुप्ता ९६ %

पलक गुप्ता ९६ %

संबंधित खबरें

मान्या चोपड़ा ९५ %

दित्य सक्सेना ९५ %

आरुषि साबू ९४.२ %

यशिता जैन ९४ %

संकल्प शहस्त्रबुद्धे ९४ %

पूर्वांशी शर्मा ९३.८ %

पर्व शर्मा ९३.८ %

शैजल तिवारी ९३.४ %

सौमित्र दुबे ९३.२ %

सिम्मी वीरवानी ९३ %

राज अग्रवाल ९३ %

कृति दिसेजा ९२ %

रक्षित ९२ %

सौम्या तिवारी ९२ %

साक्षी झवर ९१ %

सृजन पिल्लई ९१ %

सफाई और ट्रैफिक ठीक करना जरूरी
शहर को भले ही स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया गया हो लेकिन अभी भी हमारा शहर स्मार्ट नहीं हुआ है। जहां देखो वहां गंदगी दिखाई पड़ती है। सभी को मिलकर क्लीन इंडिया कैंपेन को सपोर्ट करना होगा। मुझे यदि मौका मिला तो शहर की जिन दो चीजों को सुधारना चाहूंगी उसमें एक है सफाई और दूसरा है ट्रैफिक व्यवस्था। अगर ये दोनों ही दुरुस्त हो जाएं तो शहर अपने आप ही स्मार्ट हो जाएगा।संस्कृति गुप्ता (WHITE DRESS)

सड़कों से हटे अतिक्रमण
शहर की सड़क बहुत ही कनजेस्टेड हैं। कुछ क्षेत्र तो एेसे हैं जहां से वाहन लेकर गुजरना तक मुश्किल है। इसे सुधारने की जरूरत है। अगर मुझे मौका मिले तो मैं इसे सुधारना चाहूंगी। इसके अलावा अगर शहर से गंदगी दूर हो जाए तो हमारा शहर वास्तव में ही स्मार्ट हो जाए। मैं खुद क्लीन इंडिया कैंपेन से जुड़ी हूं और लोगों को भी इससे जुडऩा चाहिए। मुझे मौका मिला तो शहर की सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त करना चाहूंगी।

श्रुति तरसोलिया ( YELLOW DRESS)