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मुरार कैंटोनमेंट बोर्ड अधिकारयों के साथ बैठक हुई तो निगम में बढ़ेगे चार वार्ड

निगम पानी,सीवर,सडक़,पेंशन सहित देगा विभिन्न सुविधाएं

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मुरार कैंटोनमेंट बोर्ड अधिकारयों के साथ बैठक हुई तो निगम में बढ़ेगे चार वार्ड

मुरार कैंटोनमेंट बोर्ड अधिकारयों के साथ बैठक हुई तो निगम में बढ़ेगे चार वार्ड

ग्वालियर। मुरार कैंटोनमेंट बोर्ड के सिविल एरिया को नगर निगम में शामिल करने को लेकर सोमवार को कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों की निगम आयुक्त के साथ फाइनल बैठक हो सकती है। हालांकि निगम आयुक्त को अपने निजी कार्य से शहर से बाहर जाना है,ऐसे में यह बैठक टल भी सकती है। यदि बैठक होती है तो छावनी बोर्ड के 2478 एकड़ भूमि,38 हजार की आबादी,बोर्ड ऑफिस,198 आउटसोर्स कर्मचारी,58 स्थाई, 58 पेंशनर, सार्वजनिक शौचालाय 1,डोर टू डोर गाड़ी 2 को नगर निगम को सौंपी जाएगी।

साथ ही नगर निगम द्वारा वहां 4 वार्ड बनाने व विकास कार्य के प्रस्ताव बनाने व विकास कार्य के लिए एक कमेटी का भी गठन किया जाएगा। कमेटी में कैंटोनमेंट बोर्ड, निगम, कलेक्ट्रेट, विद्युत व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ रिटायर्ड अधिकारियों को भी रखा जाएगा। हालांकि प्लान में कुछ बदलाव भी हो सकते है। इसके बाद 28 अगस्त को मुख्य वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) में रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव, कलेक्टर, आयुक्त और छावनी क्षेत्र के सीओ,महापौर,सभापति भी शामिल होंगे।

वही मुरार कैंटोनमेंट बोर्ड का नगर निगम में विलय होने से 4 अतिरिक्त वार्ड बनाने के साथ ही उस क्षेत्र के लोगों को आवास, पानी, सीवर, ऋण माफी सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। बता दें कि नगर निगम ने इस प्रस्ताव को शामिल होने के लिए 28 जुलाई 2023 को एक ऑनलाइन वीसी आयोजित की थी, इसमें रक्षा मंत्रालय से 30 करोड़ रुपए की राशि मांगी थी और रक्षा मंत्रालय ने उसका प्रस्ताव भी जल्द भेजे जाने की बात कही थी।

वहीं रक्षा मंत्रालय की ओर से अनुमति मिलने की पहल को देखने की बाद ही मुरार कैंटोनमेंट बोर्ड व निगम के अधिकारियों ने बुधवार को बैठक करने का प्लान बनाया था,लेकिन किसी कारण वश वह बैठक नहीं हो पाई थी। यदि सब कुछ अच्छा रहा तो इस क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलने के साथ ही यहां चार नए वार्ड बनाए जाएंगे और विकास कार्य भी देखने को मिलेंगे।

निगम में विलय होने से यह मिलेगा फायदा

-मुरार कैंटोनमेंट बोर्ड में वार्ड बनने के साथ ही सडक़, सीवर,पानी,एलईडी लाइट व भवन अनुमति मिल सकेगी।

-256 कर्मचारियों के वेतन पर करीब 4 करोड़ रुपए खर्च किया जाएगा।

-सार्वजनिक शौचालय,सडक़ों की सख्या,अस्पताल,फायर स्टेशन,पंप टैक्टर व अन्य वाहन व निगम ऑफिस की संख्या बढ़ेगी।

-प्रधानमंत्री आवास,इंदिरा आवास योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।

-अमृत योजना फेज-2 के तहत पानी व सीवर की लाइन डाली जाएगी।

-घर,दुकान व संस्थान के लिए लोन के साथ पंजीयन भी हो सकेंगे।

-56 पेशनदारी को लाभ मिल सकेगा।

-वार्ड बनाने के बाद विकास कार्य की जिम्मेदारी निगम को उठानी पड़ेगी।

-निगम पर लभगभ 20 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

मिल सकते है 10 करोड़ रुपए वन टाइम

मुरार कैंटोनमेंट बोर्ड के सिविल एरिया को निगम में विलय होने से पूर्व निगम अधिकारियों ने रक्षा मंत्रालय से 30 करोड़ रुपए की मांग की है,इसमें 20 करोड़ रुपए वन टाइम व 10 करोड़ रुपए अतिरिक्त। हालांकि इसमें संसोधन करते हुए 10 करोड़ रुपए देने की बात कही जा रही है। वहीं निगम पर लभगभ 20 करोड़ का अतिरिक्त भार पड सकता है।

विलय होने से पहले यह कार्य होंगे

-मुरार कैंटोनमेंट बोर्ड के सिविल एरिया को डी नोटिफाई किया जाएगा। इससे छावनी क्षेत्र के सिविल एरिया की भूमि पर विकास कार्य में भविष्य में सेना कोई कार्य न रोके।

-विलय करने का पूरा प्लान नगरीय प्रशासन को भेजा जाएगा और वहां से प्लान रक्षा मंत्रालय को जाएगा।

-रक्षामंत्रालय की अनुमति मिलते ही एमआईसी व परिषद में पास होने के बाद निगम में शामिल किया जाएगा।