ग्वालियर। नि:शक्त बच्चों की मदद के लिए केन्द्र सरकार कई योजनाएं चला रही है, पर इन बच्चों के लिए जिले के तीन फीसदी से ज्यादा स्कूलों में रैंप के साथ रेलिंग नहीं है। इन बच्चों को स्कूलों तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। नियम है कि स्कूल में नि:शक्त बच्चे हों या न हों, पर उनमें चढऩे-उतरने के लिए रैलिंग होना आवश्यक है।