
morena district civil hospital Doctor Gloves scam
मुरैना. 50 बिस्तर के सिविल अस्पताल में 40 हजार ग्लव्स की भी खपत हो गई। लेकिन 2 माह पहले मामला सामने आने के बावजूद जांच नहीं हो पा रही है। जांच कहां तक पहुंची, अधिकारी यह भी नहीं बता पा रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के जिला स्तरीय भंडारगृह से सिविल अस्पताल सबलगढ़ को भेजी गई सामग्री कई आंकड़े चौंकाने वाले हैं। हर माह औसतन 3333 ग्लव्स की खपत के अलावा 500 इंजेक्शन रेबीज के और एंटीबायोटिक दवाओं की गैर आनुपातिक खपत शामिल है। सबलगढ़ में कोई ऑपरेशन नहीं होते थे। प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं उसके अनुसार एक ही व्यक्ति पर सीएमएचओ और सबलगढ़ के स्टोर का प्रभार होने से यह सब होता रहा।
रेबीज के इंजेक्शन, कन्वेंशनल एक्स-रे फिल्म, एनटीडी, एंटी बाइटिक्स दवाएं और कंज्यूमेबल सामग्री गैर आनुपाति की खपत का मामला दिसंबर 2019 के शुरू में ही सामने आ गया था। सीएमएचओ भी बदले जा चुके हैं और स्टोर प्रभारी को भी हटाया जा चुका है। दो जगह से इसकी जांच कराई जा रही है। जांच कब तक पूरी होगी, इस पर अधिकारी ठोस कुछ नहीं बता पा रहे हैं।
4 साल पहले भी आया था मामला सामने
स्वास्थ्य विभाग में दवाओं और अन्य उपयोगी सामग्री के नाम पर गोरखधंधा नया नहीं है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के स्टोर से करीब 4 साल पहले भी लाखों रुपए की दवाएं और अन्य उपयोगी सामग्री गायब पाई गई थी। उस वक्त स्टॉक और वितरण पंजी की जांच भी गई थी। स्टॉक पंजी के हिसाब से भौतिक सत्यापन के लिए भिण्ड के तत्कालीन प्रभारी सीएमओ सहित एक टीम भी आई थी, लेकिन बाद में मामले को दबा दिया गया था।
कब कैसे की गई सामान की आपूर्ति
24 अप्रैल 2019 को सिविल अस्पताल सबलगढ़ से मांग संख्या 1017190400011 पर उसी दिन 1031190400043 आपूर्ति संख्या से 2500 बेडसीट की आपूर्ति की गई। इनकी कीमत 567500 रुपए है। 500 इंजेक्शन रेबीज के भी जारी किए गए। इनकी कीमत 67650 रुपए है। अन्य सामग्री सहित वाउचर 640093 का जारी किया गया।
जांच समिति सामने आई
मामले की जांच के लिए पुरानी समिति को बदलकर नई का गठन किया है। इसमें तत्कालीन आरएमओ डॉ. पद्मेश उपाध्याय, डॉ. अनिल गोयल, स्टोर प्रभारी डॉ. गिर्राज गुप्ता के साथ एक डाटा एंट्री ऑपरेटर व फार्मासिस्ट को शामिल किया है।
लाखोंं रुपए का सामान सबलगढ़ सिविल अस्पताल को आपूर्ति का गंभीर मामला है। नई समिति का गठन कर दिया है। समिति जल्द जांच शुरू कर देगी, जांच प्रभावित न हो इसलिए संबंधित प्रभारी को पहले ही हटाया जा चुका है।
डॉ. आरसी बांदिल, सीएमएचओ
Published on:
06 Feb 2020 05:29 pm
बड़ी खबरें
View Allग्वालियर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
