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शहर के चारों बड़े स्कूल का रिजल्ट रहा कम, मेरिट-जिला रैंकिंग में भी नहीं बना पाए जगह

माध्यमिक शिक्षा मण्डल की ओर से शुक्रवार को घोषित किया गया था 10वीं-12वीं का परिणाम

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शहर के चारों बड़े स्कूल का रिजल्ट रहा कम, मेरिट-जिला रैंकिंग में भी नहीं बना पाए जगह

ग्वालियर। माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्य प्रदेश भोपाल द्वारा हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी का परीक्षा परिणाम शुक्रवार को घोषित कर दिया है। लेकिन शहर के चारों बड़े स्कूल 2019-20 की तुलना में रिजल्ट में पीछे रह गए। इसमें उत्कृष्ट विद्यालय मुरार-1 और पदमा विद्याालय भी शामिल हैं। इन विद्यालयों का कोई भी छात्र मेरिट में जगह बनान में कामयाब नहीं रहा। वहीं जिला स्तरीय मेरिटसूची में उत्कृष्ट स्कूल मुरार के छात्रों द्वारा हाईस्कूल व हायर सेकंडरी में प्रथम स्थान हासिल किया। जबकि इन तीनों स्कूलों का कोई भी छात्र मेरिट में जगह नहीं बना पाया। यदि ब्लॉक स्तर की बात करें तो डबरा ब्लॉक का प्रदर्शन बहुत ही शानदार रहा। क्योकि हाईस्कूल व हायर सेकंडरी की कक्षाओं के परिणाम में डबरा के छह विद्यार्थियों ने जिले के प्रथम तीन रैंक में जगह बनाई है। इसमें 10वीं कक्षा में एक और 12वीं कक्षा में पांच विद्यार्थी शामिल हैं। इसमें डबरा के संत कंवरराम विद्यालय के ही तीन छात्र शामिल रहें। जबकि बड़े विद्यालय का रिजल्ट बीते वर्ष की तुलना में कम रहा है।

शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय मुरार नंबर-1

दसवी में दर्ज 236 में से 235 विद्यार्थी पास हुए हैं। इनमें प्रथम श्रेणी में 234, द्तिीय श्रेणी में 1 और कोई भी छात्र फेल नहीं हुआ है। वहीं जिला स्तर रैंकिंग में खुशी शर्मा प्रथम स्थान पर रहीं। रिजल्ट का प्रतिशत 99.05 जबकि 2019-20 में 100 प्रतिशत रहा था।

हायर सेकंडरी में 314 दर्ज में से 306 छात्र पास हुए और सात की सप्लीमेंट्री आई। इसमें 305 प्रथम श्रेणी, एक छात्र द्तिीय श्रेणी से और जिला स्तर रैंङ्क्षकग में शिवांगी चौहान प्रथम स्थान पर रही। रिजल्ट 98.02 प्रतिशत,जबकि 2019-20 में 100 प्रतिशत रहा था।

शासकीय पदमा उ मा विद्यालय

हाईस्कूल में 363 दर्ज छात्राओं में से 187 पास हुई व 134 फेल और 42 छात्राओं की सेप्लीमेंट्री आई। इनमें प्रथम श्रेणी में 100 ,द्तिीय श्रेणी में 56 और बाकी तृतीय श्रेण में रहे। जिला स्तर पर कोई भी छात्र नहीं रहा। रिजल्ट का प्रतिशत 51.05 जो 2019-20 में 56 प्रतिशत से पांच प्रतिशत इस बार कम है।

हायर सेकंडरी में 504 दर्ज में से 502 छात्राए परीक्षा में शमिल हुई। इसमें 410 पास, 39 फेल और 53 की सेप्लीमेंट्री आई। 312 प्रथम श्रेणी, 96 द्तिीय श्रेणी और 02 तृतीय श्रेणी से रहा। वहीं जिला स्तर रैंकिग में कोई भी छात्रा नहीं आई। रिजल्ट 81.06 प्रतिशत, जबकि 2019-20 में 86 प्रतिशत रहा था।

शासकीय गजराराजा उ मा विद्यालय

हाईस्कूल में दर्ज 319 में से 318 छात्र परीक्षा में शामिल हुई। इनमें 146 पास,136 फेल व 36 छात्राओं की सेप्लीमेंट्री आई। प्रथम श्रेणी 101, द्तिीय श्रेणी में 45 रहे। जिला स्तर पर आरती कुशवाह ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। रिजल्ट का प्रतिशत 45.09 जो 2019-20 में 80 प्रतिशत से 34 प्रतिशत कम है।

हायर सेकंडरी में 356 दर्ज में से 353 छात्राए परीक्षा में शमिल हुई। 247 विद्यार्थी पास, 52 फेल और 54 छात्रों की सेप्लीमेंट्री आई। इनमें प्रथम श्रेणी 148, द्दितीय 85 और तृतीय श्रेणी 14 छात्र रहे। रिजल्ट 69.09 प्रतिशत रहा जो 2019-20 में 70 प्रतिशत रहा था।

शासकीय गोरखी उ मा विद्यालय

कक्षा10वीं में दर्ज 300 में से 165 पास,105 फेल और 30 छात्र की सप्लीमेंट्री आई। इनमें प्रथम श्रेणी से 100, द्दितीय श्रेणी में 65 विद्यार्थी रहे। वहीं रिजल्ट 55 प्रतिशत रहा, जबकि 2019-20 में 79 प्रतिशत रहा।

हायर सेकंडरी में दर्ज 291 में से 222 छात्र पास हुए, 32 फेल और 37 छात्राओं की सप्लीमेंट्री आई। इनमें प्रथम श्रेणी 171, द्दितीय श्रेणी 51 रही। जिला स्तर रैंकिंग में कोई भी छात्र नहीं आया है। रिजल्ट 76.02 प्रतिशत रहा जबकि 2019-20 में 84 प्रतिशत रहा था।

रिजल्ट में पिछडऩे की यह रही वजह

-ऑनलाइन क्लास से पढ़ाई का सिस्टम बिगड़ा।

-कोरोना संक्रमण के डर के चलते अधिकतर बच्चे स्कूल ही नहीं गए।

-अभिभावक ने भी बच्चों को स्कूल नहीं जाने दिया।

-स्कूलों में शिक्षकों द्वारा कभी छात्र को ऑनलाइन तो कभी ऑफलाइन पढ़ाया।

-अधिकतर विद्यालय में छात्रों की कक्षा में उपस्थिति कम ही देखी गई।

अभी हम रिजल्ट की समीक्षा करने के लिए सभी विद्यालय से रिपोर्ट मांगा रहे हैं। यह बात सही है कि शहर के बड़े विद्यालयों का रिजल्ट में थोड़ी गिरवाट देखी गई है। कोरोना के चलते अधिकतर विद्यालय में छात्रों को बुलाने के बाद भी स्कूल नहीं आए। जिन विद्यालयों का रिजल्ट कमजोर रहा है वहां पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

विकास जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी