17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एमपी में राज्यपाल की बड़ी कार्रवाई, कुलगुरू को किया बर्खास्त, धारा 52 लागू

Gwalior kulguru tiwari मध्यप्रदेश के गवर्नर - राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बड़ी कार्रवाई की है।

2 min read
Google source verification
Gwalior kulguru tiwari

Gwalior kulguru tiwari

मध्यप्रदेश के गवर्नर - राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. अविनाश तिवारी को बर्खास्त कर दिया है। विवि में भ्रष्टाचार व शिवशक्ति कॉलेज झुंडपुरा को फर्जी तरीके से कागजों में संबद्धता देने पर कुलगुरू तिवारी सहित 17 प्रोफेसर पर ईओडब्ल्यू ने मामला दर्ज किया है। इसके एक महीने बाद राज्यपाल ने ग्वालियर दौरे के बाद भोपाल पहुंचते ही कुलगुरु को हटा दिया। विवि में धारा 52 भी लागू कर दी है।

मंगलवार को एमपी के राज्यपाल और कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने ग्वालियर के जीवाजी वि​श्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. अविनाश तिवारी को बर्खास्त कर दिया है। उनके स्थान पर जीवाजी विवि का नया कुलगुरू डॉ राज कुमार आचार्य (पूर्व कुलगुरू अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा) प्राचार्य, महात्मा गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय करेली जिला नरसिंहपुर को बनाया गया है।

यह भी पढ़ें: एमपी को एक और वंदेभारत, दो राज्यों को जोड़नेवाली नई ट्रेन का रूट और शेड्यूल तय

कुलाधिपति मंगुभाई पटेल की ओर से जारी आदेश के अनुसार विश्वविद्यालय में धारा-52 लागू कर दी है। जेयू में तीसरी बार धारा-52 का उपयोग कर कुलगुरू को हटाया गया है। इससे पूर्व विवि में पहली बार धारा 52 कुलपति प्रो पीएस बिसेन के कार्यकाल में वर्ष 1996 में और दूसरी बार कुलपति प्रो राधारमणदास के कार्याकाल में वर्ष 2000 में लागू की गई थी।

यह भी पढ़ें: एमपी के किसानों के लिए शिवराजसिंह की बड़ी घोषणा, अब उपज बेचने का भाड़ा देगी सरकार

राधारमण पर कार्यपरिषद की बैठक नहीं कराने सहित अन्य आरोप लगाने पर उन्हें हटाया गया था और उनकी जगह विनोद प्रकाश सक्सेना को जेयू का नया कुलपति बनाया गया था। बता दें कि सोमवार को ग्वालियर दौरे पर आए राज्यपाल से डॉ अरुण शर्मा सहित अन्य छात्र संगठन ने आवेदन देते हुए विवि में भ्रष्टाचार, गड़बड़ी व धोखाधड़ी की शिकायतों का आवेदन देते हुए विवि में धारा-52 लागू करने की मांग की थी।

यह भी पढ़ें: एमपी में शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला, लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किया आदेश

क्या है धारा-52
मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा-52 के तहत राज्य सरकार को यह अधिकार होता है कि वह प्रदेश के किसी विश्वविद्यालय में अव्यवस्था, आर्थिक अनियमितता, भ्रष्ट्राचार, विश्वविद्यालय संचालन में लापरवाही आदि पाए जाने पर वह कुलपति(कुलगुरू) को बर्खास्त कर सकती है। जीवाजी विश्वविद्यालय में बीते दिनों शिवशक्ति कॉलेज को फर्जी तरीके से संबद्धता दिए जाने और भ्रष्टाचार को कुलगुरू द्वारा बढ़ावा देने के आरोपों के साथ ही विश्वविद्यालय संचालन में लापरवाही बरती जा रही थी। इसी वजह से धारा-52 लागू की गई।