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अमरनाथ यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवा बंद, श्रद्धालुओं की संख्या कम होने का अनुमान, एमपी में मायूसी

Helicopter service stopped in Amarnath Yatra: अमरनाथ यात्रा मार्ग को एक जुलाई से 10 अगस्त तक नो फ्लाइंग जोन घोषित किया है। हेलिकॉप्टर सेवा बंद कर दी गई है जिससे बुकिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे एमपी से जाने वाले यात्री मायूस हो गए है। (MP News)

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Helicopter service stopped in Amarnath Yatra MP News (फोटो सोर्स-ANI)

Helicopter service stopped in Amarnath Yatra MP News (फोटो सोर्स-ANI)

MP News: बाबा बर्फानी की पवित्र अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) 3 जुलाई से शुरू हो रही है, यह अगस्त तक चलेगी। इस बार यह यात्रा 38 दिनों तक चलेगी। अमरनाथ यात्रा के पूरे मार्ग को श्रीअमरनाथ श्राइन बोर्ड ने एक जुलाई से 10 अगस्त तक नो फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया है। ऐसे में पारंपरिक बालटाल और पहलगाम ट्रैक पर यात्रियों के लिए हेलिकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। (Helicopter service stopped in Amarnath Yatra)

तीर्थयात्रियों को पवित्र गुफा तक या तो पैदल जाना होगा या फिर टट्टू या पालकी से पहुंचना होगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, लेकिन इससे तीर्थयात्रियों की संख्या पर असर पड़ सकता है। बड़ी संख्या में यात्री हेलिकॉप्टर से पवित्र गुफा तक जाते हैं। इनमें बीमार, बुजुर्ग, दिव्यांग भी शामिल होते हैं। ग्वालियर में भी बड़ी संख्या में ऐसे यात्री हैं, जो हेलिकॉप्टर सेवा के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। (MP News)

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यात्रियों के लिए खास जानकारी

बाबा बर्फानी की यात्रा में 14,800 फीट की ऊंचाई तक यात्रियों को जाना होता है। अधिकतर यात्रियों को यहां के मौसम, यात्रा की तैयारी, साथ में क्या-क्या ले जाना है, इसकी जानकारी नहीं होती। पिछले करीब 24 साल से शहर से जत्था लेकर जाने वाले बम-बम भोले सेवा दल के डॉ. संजय पांडेय ने यात्रियों के लिए खास जानकारी दी है।

यात्रा के लिए क्या करें

  • पर्याप्त ऊनी कपड़े साथ रखें, क्योंकि तापमान कभी भी 5 डिग्री से नीचे गिर सकता है।
  • छाता, विडचीटर, रेनकोट और वाटरप्रूफ जूते साथ रखें, यात्रा मार्ग पर मौसम अस्थिर होता है।
  • अपने कपड़े और खाने-पीने की चीजें वाटरप्रूफ बैग में रखें।
  • अपनी जेब में एक नोट रखें, जिसमें किसी सहयात्री का नाम, पता और मोबाइल नंबर लिखा हो।
  • पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और यात्रा परमिट साथ रखें।
  • समूह में यात्रा करें, लगेज के लिए पोनी, घोड़ा, कुली साथ रखें।
  • सुनिश्चित करें कि पूरा समूह आपकी नजर में रहे-अलग न हो।
  • यात्रा पूर्ण कर घर लौटते समय समूह के साथ ही बेस कैंप छोड़ें।
  • कोई यात्री लापता हो, तो तुरंत पुलिस की मदद लें और अनाउंसमेंट करवाएं।
  • अपने सहयात्रियों की मदद करें और श्रद्धा भाव से यात्रा करें।
  • यात्रा प्रशासन ‌द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन करें।
  • किसी भी आपात स्थिति में पास के कैंप निदेशक / यात्रा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
  • लंगरों में पूरे यात्रा मार्ग पर मुफ्त भोजन सुविधा उपलब्ध है।
  • अन्य राज्यों के प्रीपेड सिम कार्ड जम्मू-कश्मीर और यात्रा क्षेत्र में काम नहीं करते। यात्री बालटाल, नुवान, भगवती नगर (जम्मू) और लखनपुर में प्री-एक्टिवेड सिम कार्ड ले सकते हैं।

क्या न करें

  • महिला यात्री साड़ी न पहनें। सलवार कमीज, पैंट-शर्ट या ट्रैकसूट पहनना उपयुक्त है।
  • 6 सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाएं यात्रा नहीं कर सकतीं।
  • 13 वर्ष से कम और 70 वर्ष से अधिक आयु के लोग यात्रा के पात्र नहीं हैं।
  • चेतावनी बोर्ड लगे स्थानों पर न रुकें। केवल तय मार्ग पर चलें।
  • नंगे पांव न चलें और ऊनी वस्त्रों के बिना न रहें।
  • चप्पल न पहनें। केवल फीते वाले ट्रैकिंग शूज पहनें।
  • रास्ते में किसी भी शॉर्टकट से बचें, यह खतरनाक है।
  • खाली पेट यात्रा न शुरु करें इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो सकती है।
  • पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले कार्य न करें।
  • पॉलीथिन न ले जाएं जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधित है और दंडनीय अपराध है।
  • पवित्र गुफा में दर्शन करते समय सिक्के, करेंसी, चुनरी, लोटा आदि न फेंकें।
  • पवित्र गुफा में रात्रि विश्राम न करें ऊंचाई और मौसम की स्थिति प्रतिकूल है।