
MP Police in Action Before Loksabha Election : लोकसभा चुनाव का ऐलान होने के बाद उन अपराधियों की निगरानी शुरू हुई है, जो ठिकाने बदल कर बेफिक्र हैं। थानास्तर पर पुलिस को इन अपराधियों को ढूंढने का टास्क दिया है। इसलिए बीट स्तर पर पुलिस घर घर जाकर किराएदारों की कुंडली खंगाल रही है। किस घर में किराएदार कौन है। उसकी गुजर बसर का जरिया क्या है। कितने समय पहले किराएदार ने घर किराए पर लिया है। इन सवालों का जवाब पुलिस मकान मालिकों से पूछ रही है।
शहर और देहात में पुलिस किराएदारों की पहचान का टास्क दिया गया है। हालांकि पुलिस के लिए रूटीन काम है, लेकिन सिर्फ चुनावों में इसकी सुध महकमा लेता है। खिड़की के साथ नियम बंद इंटरस्टेट अपराधियों पर लगाम कसने के लिए कुछ साल पहले किराएदारों की पहचान का नियम लागू हुआ था।
इसमें मकान मालिक, होटल, सराय और गेस्ट हाउस संचालकों की जिम्मेदारी तय हुई कि उनके यहां कौन ठहरा है। उसका ब्यौरा पुलिस को देंगे। इसे आसान बनाने के लिए किराएदार जानकारी की खिड$की खोली गई थी। कुछ समय से ये खिड़की बंद है तो जानकारियां मिलना रुक गई हैं। अब यह प्रक्रिया शहर और देहात में बीट प्रभारी को घर घर जाकर इलाके में रहने वाले किराएदारों की जानकारी जुटाने का काम सौंपा गया है।
Updated on:
20 Mar 2024 10:49 am
Published on:
20 Mar 2024 10:48 am
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