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मिसेज इंडिया की खिताबी दौड़ में शिवपुरी की दीपा, देखिए इनके ग्लैमरस PHOTO

मिसेज इंडिया की खिताबी दौड़ में शिवपुरी की दीपा, दमदार कंटेस्टेंट मान रहे सभी

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deepa sharma

ग्वालियर/शिवपुरी। छोटे से शहर की बेटी मिसेज इंडिया के लिए आयोजित कॉम्पटिशन में साढ़े तीन लाख प्रतियोगियों की भीड़ में खुद को साबित करते हुए आखिरी तीस में पहुंच गई है। अब वह अंतिम राउंड में ग्रीस में मिसेज इंडिया का क्राउन हासिल करने के लिए अपना पावर दिखाएगी।

आज के युग में हर युवा का सपना होता है कि उसे बेतहाशा नेम और फेम मिले, फिर चाहे वह युवा किसी छोटे शहर से आता हो या फिर मैट्रो सिटी से। इसी तरह का सपना शिवपुरी शहर के महल कॉलोनी निवासी रामकुमार शर्मा की बेटी दीपा शर्मा की आंखों में भी बचपन से ही पल रहा था।

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छोटा शहर और रूढि़वादी परिवार होने के कारण वह अपना सपना पूरा करने की कभी सोच भी नहीं सकी और उसने भी करीब पांच साल पहले पिछोर कस्बे के सूर्यकांत भार्गव नामक युवक से शादी कर अपना परिवार बसा लिया। अब दीपा की आंखों में वह सपने नहीं थे जो वो बचपन से देखा करती थी, लेकिन उसके दिल की चाहत रह रह कर उसे कहीं न कहीं ग्लैमरस दुनिया की तरफ आकर्षित करती।

इसी क्रम में वह अपने इंजीनियर पति के साथ पूना चली गई, जहां दीपा बार-बार हॉट मॉन्ड मिसेज इंडिया वल्र्ड वाइड के पेज को सर्च करती। जब इस बात की जानकारी सूर्यकांत को लगी तो उसने अपनी पत्नी दीपा का हौसला बढ़ाया, जिसके चलते दीपा ने अपनी हिम्मत बढ़ाई तथा तैयारी शुरू कर हॉट मॉन्ड मिसेज इंडिया वल्र्ड वाइड 2018 में पार्टिसिपेशन के लिए फार्म भरा, जिसका ऑडिशन मुम्बई में हुआ जहां देश विदेश की की साढ़े तीन लाख महिलाओं ने पार्टिसिपेट किया, जिनमें से आखिरी 100 में दीपा का चयन किया गया। इसके बाद 30 अप्रैल को गुडग़ांव में सेकंड राउंड आयोजित किया, जहां भी दीपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आखिरी 30 में स्थान बनाया है। दीपा के अनुसार अब ग्रैंड फिनाले सितम्बर में ग्रीस में आयोजित होगा।

बेटी चिडिय़ा जैसी होती हंै, उसे उडऩे दें
पत्रिका से बात करते हुए दीपा ने खुद के अनुभव शेयर करते हुए कहा कि शिवपुरी जैसे छोटे से शहर से यहां तक पहुंचने के लिए उसे बहुत संघर्ष करना पड़ा है, परंतु इस संघर्ष में उसके पिता और पति हमेशा उसके साथ खड़े रहे। उन्होंने उसे हौंसला दिया कि खुद पर विश्वास करो, तुम कर सकती हो।

बस, इसी विश्वास की बदौलत वह यहां तक पहुंच सकी। दीपा कहती है कि अगर युवाओं को खुद पर विश्वास हो तो वह कुछ भी कर सकते हैं। दीपा यह भी कहती हैं कि बेटियां एक चिडिय़ा की तरह होती हैं इसलिए हर परिवार को चाहिए कि वह उसे खुले गगन में उडऩे का एक मौका जरूर दें।