
संपत्तिकर वसूली में ग्वालियर विस सबसे फिसड्डी, अब तक 10 प्रतिशत भी नहीं
ग्वालियर। नगर निगम के संपत्तिकर विभाग को वर्ष 2023-24 में 242 करोड़ रुपए वसूलने का लक्ष्य निगम आयुक्त द्वारा दिया है। लेकिन उपायुक्त,सहायक संपत्तिकर अधिकारी (एपीटीओ) व 66 संपत्तिकर संग्रहक(टीसी) द्वारा वसूली पर ध्यान नहीं दिए जाने से यह लक्ष्य पूरा होना मुश्किल लग रहा है। कम वसूली होने से कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य कार्यों पर भी संकट आ सकता है। फिलहाल कम वसूली में ग्वालियर विधानसभा, दक्षिण, ग्रामीण सबसे अधिक फिसडडी चल रहे हैं। वहीं पूर्व विस की स्थिति वसूली में अच्छी है।
निगम ने संपत्किर वसूली में 39343 रसीदे काटते हुए 24.15 करोड़ की वसूली की है, इसमें करीब 5 करोड़ गार्बेज शुल्क शामिल हैं। हालांकि बीते वर्ष अगस्त महीने से तुलना करने पर वसूली में तीन करोड़ अधिक है। क्योकि 2022-23 में 21 करोड़ ही वसूली हुई थी। कम वसूली का मुख्य कारण निगम के संपत्तिकर विभाग में 66 संपत्तिकर संग्रहकों (टीसी), सहायक संपत्तिकर अधिकारी (एपीटीओ) व उपायुक्त द्वारा वसूली पर ध्यान न देते हुए भवन स्वामी से मिलकर नामांतरण के कार्यों और कच्ची कॉलोनी में अवैध वसूली में लगे रहना।
वहीं कम वसूली होने निगम को भी करोड़ों रुपए का घाटा पहुंच रहा है। जबकि इनकी जिम्मेदारी है कि वह प्रतिदिन टीसी की समीक्षा करके वसूली की जानकारी लें और जो संपत्तिकर संग्रहकों (टीसी) कम वसूली कर रहे हैं उनका सहयोग करते हुए वसूली को बढ़ाए। यदि ऐसा ही रहा तो 242 करोड़ की वसूली से नगर निगम पीछे चला जाएगा।
विधानसभा वार स्थिति
ग्वालियर विधानसभा :
लक्ष्य : 42. 95 करोड़, वसूली : 3.82 करोड़ जिम्मेदार-उत्तम जखेनिया, उपायुक्त संपत्तिकर
पूर्व विधानसभा :
लक्ष्य : 119 करोड़, वसूली : 12.37 करोड़ जिम्मेदार-एपीएस भदौरिया, उपायुक्त संपत्तिकर
दक्षिण विधानसभा :
लक्ष्य : 40.97 करोड़, वसूली : 4.49 करोड़ जिम्मेदार-केशव सिंह चौहान, उपायुक्त संपत्तिकर
ग्रामीण विधानसभा :
लक्ष्य : 39.10 करोड़, वसूली : 3.45 करोड़जिम्मेदार-डॉ अतिबल सिंह यादव, उपायुक्त संपत्तिकर
कम वसूली की मुख्य कारण
जिम्मेदारों द्वारा मॉनीटरिंग नहीं करना,कई संपत्तियों में डबल आईडी होना,प्रत्येक दिन 25 घर चेक नहीं करना,प्रचार-प्रसार न होना,बकायदारों पर कुर्की आदि की कार्रवाई नहीं होना,टीसी व एपीटीओ समय पर फील्ड में नहीं जाना,धार्मिक संस्थानों की अलग सूची नहीं होना,संपत्तियों का नवीन सर्वे नहीं कराया जाना,टीसी व एपीटीओ का नामांतरण पर अधिक ध्यान देना,आईडी में मोबाइल नंबर नहीं डाला जाना।
इस तरह कर सकते है सुधार
आयुक्त,अपर आयुक्त व उपायुक्त हर दिन सख्ती के सख्त मॉनीटरिंग करें, एपीटीओ फाइलों व नामतंरण की जगह फील्ड में जाए और प्रतिदिन 25 घरों की जांच कर संपित्तकर वसूले,विभिन्न वार्डों में जगह-जगह शिविर लगाए जाएं, संपत्तिकर व गार्बेज को अलग-अलग किया जाए, जलकर वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, संपत्तिकर व जलकर की कम वसूली करने पर सख्त कार्रवाई की जाए।
कम वसूली पर हटाए सात टीसी
निगम आयुक्त हर्ष ने अभी हाल ही वसूली के कार्य में लापरवाही बरतने पर किशन ङ्क्षसह, शुभम, चिमन कटारे, प्रेमनारायण, जगन अग्रवाल, मुरली शर्मा व धन्नजय सहित सात टीसी को हटाकर दूसरे विभाग में भेज दिया है।
इन पर है 100 करोड़ से अधिक बकाया
नगर निगम का केआरजी कॉलेज,सेकंड बटालियन,कलेक्ट्रेट,पीडब्ल्यूडी,जीवाजी विवि,मनोरंजनालय व वाचानालय,जेसी मिल,सेंट्रल जेल,शासकीय अस्पताल सहित विभिन्न विभागों पर 100 करोड़ से अधिक की राशि बकाया है।
संपत्तिकर वसूली के आंकड़े
वर्ष वसूली संपत्तियां
Published on:
20 Aug 2023 10:24 pm
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