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निगम ने कहा- सब ओके, स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में निकला हैजा, खुली पोल

निगम ने कहा- सब ओके, स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में निकला हैजा, खुली पोल    

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swine flue in gwalior

निगम ने कहा- सब ओके, स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में निकला हैजा, खुली पोल

ग्वालियर। शहर में सफाई और स्वच्छ जल प्रदान करने के नाम पर हर साल करीब ५० करोड़ से अधिक खर्च करने वाली नगर निगम के दावों की पोल बुधवार को उस समय खुल गई जब शहर में थाटीपुर क्षेत्र की मेहरा कालोनी निवासी आदित्य (उम्र-18 वर्ष) को कॉलरा (हैजे) की पुष्टि हुई। वहीं नगर निगम के पीएचई अमला पिछले दो दिनों से क्षेत्र में साफ पानी और पानी की रिपोर्ट में भी खुद को बेदाग बताने में लगा हुआ था लेकिन स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट से पीएचई के इंजीनियर बैक फुट पर आ गए हैं। वहीं पीएचई अफसर आरएन करैया को इस मामले में नोटिस जारी कर दिया गया है और जांच कर कार्रवाई करने की बात कही गई है।

वहीं स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में मुरैना जिले की कैलारस तहसील सुरक्षा पत्नी जबर सिंह और कृष्णा पत्नी पृथ्वीराज कुशवाह की रिपोर्ट भी पॉजेटिव आई। इससे स्वास्थ्य विभाग में हडक़ंप मच गया। आनन-फानन में सीएमएचओ डॉ.मृदुल सक्सेना ने नगर निगम आयुक्त विनोद शर्मा को पत्र लिखकर शहर में मेहरा कॉलोनी सहित अन्य जगहों पर हो रही गंदे पानी की सप्लाई को रोकने, क्षेत्रों में फैली गंदगी को साफ करने के साथ आमजन को जागरूक करने के लिए कहा है। वहीं उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को पत्र लिख डॉक्टरों की एक टीम गुरुवार को मेहरा कॉलोनी के साथ अन्य संदिग्ध स्थानों पर भेजकर लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण कराने निर्देश दिए हैं।

दूषित पानी बना कॉलरा का कारण
शहर के थाटीपुर इलाके की मेहरा कॉलोनी में कॉलरा बैक्टीरिया का कारण दूषित पानी को माना जा रहा है। यहां पर नगर निगम के जलप्रदाय विभाग की पेयजल सप्लाई होती है। ऐसे में लाइनों के लीकेज सीवर लाइनों की मिलावट की वजह सामने आ रही है।


ऐसे करें बचाव
यह बीमारी उचित इलाज के साथ जानलेवा नहीं है। कॉलरा (हैजा) बीमारी के बचाव के लिए नित्य क्रियाओं में उबले हुए पानी या क्लोरीन युक्त पानी का उपयोग करें। ताजी सब्जियों को अच्छी तरह पकाकर उपयोग करें। फलों को अच्छी तरह धोकर एवं छीलकर खावें। बाहर भोजन से बचें,अमानक आइसक्रीम के उपयोग से बचें।


क्या बोले जिम्मेदार... दिया है नोटिस
हम मामले पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं जिम्मेदारों को नोटिस जारी किया गया है। फिलहाल हम ग्राउंड जीरो को संक्रमण मुक्त कर रहे हें। फिर लापरवाहों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
आरएलएस मौर्य, अधीक्षण यंत्री पीएचई ननि

दावों की खुली पोल

शहर सहित अंचल में कॉलरा (हैजा) की पुष्टि होने पर शासन के स्वच्छ भारत अभियान में सेहत मंद होने के दावों की पोल खुल गई है। अभियान में सफाई शौचालयों बनाने पर करोड़ों खर्च हो चुके हैं। वहीं दूषित पानी तथा वातावरण की वजह से शहर सहित अंचल में तीन वीब्रियो कॉलरा पॉजिटिव केस मिले हैं।
पीएचई उपायुक्त एपीएस भदौरिया के दावे

ठाटीपुर पानी की टंकी क्षमता ३२ लाख लीटर को साफ कराया गया।
वार्ड 28 अन्तर्गत मेहरा राठौर गली के दोनों नलकूपों में पुन: दवा का छिडक़ाव, व डेयरी की गन्दगी को भी साफ कराया गया।
वार्ड 23 के श्रीनगर वाल्मीक वस्ती स्थित नलकूप के पास लीकेज को ठीक कराया गया, वार्ड 26 के 6 स्लूस वाल्व चेम्बरों को साफ किया गया। एमएच चौराहा पर दो लीकेज को जोड़ा गया।
वार्ड 25 में बैजल कोठी में गन्दे पानी को रोकने हेतु भोसले के यहां लीकेज कनेक्शन काटा गया,
वार्ड 22 के अशोक कालोनी में स्थित लीकेज को जोडा गया।
वार्ड 18 में डीडीनगर में तीन स्थानों पर सीएच 85, सीई 216, प्रीतम विहार लीकेजों को जोड़ा ।
वार्ड 28 के मेहरा कालोनी एवं वार्ड 2 के सत्यदेव नगर से जल सेम्पल कलेक्ट कर परीक्षण हेतु भेजे गये हैं।

ओके है रिपोर्ट
हमने पानी की जांच कराई हैं। उसमें किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं हैं। हम लगातार लीकेज को दुरुस्त करने का अभियान चला रहे हैं।
एपीएस भदौरिया, उपायुक्त लश्कर पूर्व ननि


झूठी है निगम की रिपोर्ट
निगम की रिपोर्ट झूठी है। अफसरों ने पहले लाइन साफ कराई फिर सेंपल जांच को भेजे। अगर पहले सेंपल भेजते तो हैजा का पता चल जाता। पीएचई के इंजीनियर खुद को बचाने में लगे हैं।
पुरुषोत्तम टमोटिया, पार्षद वार्ड 28 भाजपा

मंत्री को आना पड़़ता है
&भाजपा के राज में लोगों को गंदा पानी पिलाया जा रहा है। लोगों की जान से खिलवाड़ निगम के अफसर कर रहे हैं। मंत्री को खुद पहुुंचकर फटकार लगानी पड़ रही है।
कृष्णराव दीक्षित, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम

इधर... स्वाइन फ्लू के बाद डेंगू ने भी दी दस्तक, चार मरीजों की रिपोर्ट आई पॉजिटिव, जेएएच प्रबंधन हुआ सतर्क
अंचल में स्वाइन फ्लू के बाद अब शहर में डेंगू ने दस्तक दे दी है। जेएएच प्रबंधन द्वारा डीआरडीई में कराई गई 20 लोगों की जांच में 4 मरीजों की डेंगू की पॉजिटिव रिपोर्ट मिली है। रिपोर्ट मिलते ही जेएएच प्रबंधन सतर्क हो गया है। उसने इन मरीजों को भर्ती कराने के लिए अलग से वार्ड बना दिया है, जहां इन्हें डॉक्टरों की विशेष टीम की देखरेख में रखकर इलाज दिया जाएगा। इसके साथ ही विभाग ने शहर में डेंगू और स्वाइन फ्लू से बचने के लिए विभाग ने जनजागरूकता अभियान भी शुरू कर दिया है। डीआरडीई की जो रिपोर्ट आई है उनमें डीडी नगर, गांधी नगर, सिकंदर कंपू, सिंधिया नगर के मरीज शामिल हैं।

जांच रिपोर्ट के आधार पर डेंगू के सभी मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है।
स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट आने से पहले ही मरीजों ने की दिल्ली जाने की तैयारी

दिनभर किया रिपोर्ट के लिए इंतजार
स्वाइन फ्लू के दो संदिग्ध मरीजों ने दिनभर अपनी रिपोर्ट का इंतजार किया। इस दौरान मरीज के परिजनों ने डॉक्टरों से दिल्ली रैफर करने की बात भी कही, लेकिन डॉक्टरों का कहना था कि जब तक मरीजों की रिपोर्ट नहीं आएगी तब तक वे रैफर नहीं करेंगे।