
nagar nigam officer and gwalior administration meeting
ग्वालियर.बार-बार कहने पर भी गंदे पानी और खराब सडक़ों की समस्या का समाधान नहीं होने पर बुधवार को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कड़े तेवर दिखाए। कलेक्ट्रेट सभागार में प्रशासन और निगम अधिकारियों की बैठक लेकर उन्होंने कहा कि आप लोगों के पास 30 साल हैं और मेरे पास 5 साल, अगर पानी की व्यवस्था सही नहीं हुई तो समझ लेना। मेरे घर पर सुबह 25 लोग आ गए थे लेकिन इंजीनियर नहीं पहुंचे। क्या जनता मान लेगी कि मंत्री के कहने के बाद भी काम नहीं हो रहा।
क्या मजाक कर रहे हो, तीन महीने में क्षेत्र की लाइन नहीं जोड़ी गई है। शहर की सडक़ें खुदी पड़ी हैं। बहोड़ापुर से पुरानी छावनी तक मेरी गाड़ी निकल जानी चाहिए। कलेक्टर साहब, कमिश्नर साहब, आप भी साथ चलना। आपकी एम्बेसडर निकल जाएगी तो मैं माला पहनाकर स्वागत करूंगा।
बैठक में अधिकतर समय फोकस जलापूर्ति पर रहा, इसके बाद सडक़, आवारा पशु प्रबंधन और सागरताल क्षेत्र में सौंदर्यीकरण पर बात हुई। बैठक में कलेक्टर अनुराग चौधरी, निगमायुक्त संदीप माकिन, एडीएम टीएन सिंह, अपर कलेक्टर अनूप कुमार सिंह, किशोर कान्याल, अपर आयुक्त नरोत्तम भार्गव, एसडीएम प्रदीप तोमर, सीबी प्रसाद, नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और मंत्री के बड़े भाई देवेन्द्र सिंह तोमर आदि मौजूद थे।
शिकायत नहीं आए
अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र में कहीं से भी गंदे पानी की शिकायत नहीं आना चाहिए। जहां से भी शिकायत आए तत्काल निराकरण किया जाए। जलापूर्ति के समय पर सभी इंजीनियर क्षेत्र में रहें, अगर यह नहीं हुआ तो फिर कार्रवाई तय है।
मोटी हो गई है खाल, टीकमगढ़ भेजो
मंत्री तोमर निगम अधिकारियों पर इतने अधिक नाराज थे कि निगमायुक्त से बोले इन सभी की खाल मोटी हो गई है, आप प्रस्ताव बनाइए, टीकमगढ़ भेजिए। आपको जो सहयोग नहीं करना चाहते हैं, मुझे बता दो, इलाज कर दूंगा।
स्वर्ण रेखा पर बने एलीवेटेड रोड
मंत्री तोमर ने स्वर्ण रेखा नदी पर एलीवेटेड रोड का प्रस्ताव तैयार करने को कहा। इस पर अधीक्षण यंत्री मौर्य ने बताया कि इसकी डीपीआर पहले बनी थी।
बनाओ पर्यटन स्थल
सागरताल और मोतीझील क्षेत्र को स्थानीय पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर से कहा कि इसके लिए पर्यटन विभाग को प्रस्ताव भेजा जाए। आवारा पशुओं का प्रबंधन किया जाए।
मंत्री की फटकार के बाद निगमायुक्त ने ली बैठक
ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र में गंदे पानी और पानी की किल्लत पर मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की फटकार के बाद बुधवार रात को कमिश्नर संदीप माकिन ने पीएचई और निगम अधिकारियों की बैठक ली और समस्या का समाधान करने को कहा। पीएचई के अधीक्षण यंत्री आरएलएस मौर्य से कहा कि ग्वालियर विधानसभा में गंदे पानी की जो समस्या है वह दूर क्यों नहीं की गई। इस पर पीएचई अधिकारियों ने कहा कि ग्वालियर विस क्षेत्र में पुरानी लाइन बिछी हैं जिसके कारण समस्या अधिक आ रही है, लेकिन निगमायुक्त ने स्पष्ट कहा कि ऐसा नहीं चलेगा। उन्होंने अमृत के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने टंकियों को जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए।
इस तरह हुई अधिकारियों से बातचीत
पानी के मुद्दे पर
मंत्री: रोज पानी नहीं दे पा रहे हो, आऊखाना आदि जगह नहीं आ रहा है।
देवेंद्र तोमर (मंत्री के भाई): आपकी पम्पिंग क्षमता सही है, डिस्ट्रीब्यूशन सही नहीं है। क्या करोगे कि साफ पानी मिले?
आरएलएस मौर्य (अधीक्षण यंत्री): रिसोर्स सही नहीं होंगे तब तक मैं पानी नहीं दे सकता। 2013 में 350 कर्मी थे, अब 193 हैं, कैसे होगी व्यवस्था? जहां डिस्ट्रीब्यूशन है वहां भी पानी नहीं पहुंच रहा है। वाल्व ऑपरेशन भी सही नहीं है। टंकी में पानी भरकर छोड़ देते हैं।
देवेंद्र तोमर: कौनसे वॉल्व हैं जहां ऑपरेटर नहीं हैं?
जागेश: 895 पम्प हैं, 837 ऑपरेटर हैं?
देवेन्द्र तोमर: आप गुमराह मत करो।
जागेश: ग्वालियर विधानसभा में हर वार्ड में 1200 या 1300 वॉल्व होंगे।
देवेंद्र: इनका एक भी सब इंजीनियर फील्ड में नहीं होता। जबकि इनको सप्लाई के समय फील्ड में होना चाहिए।
मौर्य: राज्य शासन से लोग आ जाएंगे तो काम नहीं होंगे। व्यवस्था जरूरी है।
कमिश्नर से: चार लोगों को आपने ट्रासंफ र किया था, वहीं के वहीं पहुंच गए। एक को मैंने किया था, मुझे धौंस मिल गई, वो वहीं पहुंच गया।
कलेक्टर: आप हमें नाम दो, हम मजिस्ट्रेट को दे देंगे, निरीक्षण हो जाएगा। सरकारी नौकरी में आए हैं, नेतागिरी में थोड़ी आए हैं। कान्याल (अपर कलेक्टर) मैंने तुम्हें निगम का मैटर दिया था, उस पर वर्कआउट करो।
मंत्री: हमारी कॉलोनी में गंदा पानी क्यों आ रहा है, वहां तो भैंसें भी नहीं बंधतीं।
संदीप माकिन: स्पॉट फि क्स कर लें और एक-एक इंजीनियर शाम को जाकर बैठे।
नरोत्तम भार्गव अपर आयुक्त: हमारा अमला सफ ाई में लगा है।
चंबल का पानी
मंत्री: 60 करोड़ रुपए में सौंदर्यीकरण होना है, उस पर क्या हो रहा है। चंबल के पानी की क्या स्थिति है।
मौर्य: सीएम के पास एजेंडे में हैं। वाइल्ड लाइफ वाले बिंदु को शॉट आउट किया जाना है।
स्वास्थ्य पर
देवेंद्र: जेएएच में स्ट्रेचर का क्या हुआ।
कलेक्टर: हम इसके लिए व्यवस्था कर रहे हैं।
देवेन्द्र: हाइट्स कम्पनी को हटाने के बाद क्या करेंगे। ग्वालियर में भी ऐसी कम्पनी हैं, उनको एलाऊ करो।
कलेक्टर: केन्द्र के नॉम्र्स हैं, इसके हिसाब से काम करेंगे।
देवेंद्र: हाइट्स को बगैर बिड के 40 फीसदी अधिक दाम चला गया। डीन ये चाहते हैं कि यही कंपनी रहे।
कलेक्टर: आज शाम को वीसी है, उसमें बिंदु रखेंगे।
मंत्री: स्वास्थ्य व्यवस्था सही नहीं है, आप सिविल सर्जन को नोटिस जारी करिए।गो अभ्यारण्य के लिए जगह दे दी जाए
संदीप माकिन: हमारा काम गौ पालना नहीं है, हमारा बस खिरक है। हमको गो अभ्यारण्य के लिए 150 बीघा जगह दे दी जाए। 10 हजार पशु हैं।
Published on:
19 Sept 2019 11:49 am
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