scriptNagar nigam : शहर में मंदिरों के आसपास भिखारियों की भरमार, अफसरों को दिखते नहीं… | Nagar Nigam: There is a lot of beggars around the temples in the city, the officers are not able to see them… | Patrika News
ग्वालियर

Nagar nigam : शहर में मंदिरों के आसपास भिखारियों की भरमार, अफसरों को दिखते नहीं…

शहर में भिक्षावृत्ति रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसे चलते हुए तीन दिन हो गए हैं, लेकिन दल को भिखारी नहीं मिल

ग्वालियरMay 25, 2024 / 05:54 pm

रिज़वान खान

nagar nigam शहर में भिक्षावृत्ति रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसे चलते हुए तीन दिन हो गए हैं, लेकिन दल को भिखारी नहीं मिल

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nagar nigam : शहर में भिक्षावृत्ति रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसे चलते हुए तीन दिन हो गए हैं, लेकिन दल को भिखारी नहीं मिल रहे हैं। दोपहर में सड़कों व चौराहों पर तलाश की जा रही है, जबकि मंदिरों पर इनकी भरमार है। बच्चे, बुजुर्ग भीख मांग रहे हैं। सुबह व शाम के समय बड़ी संख्या में भिखारी मंदिरों पर नजर आते हैं। इसके अलावा बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर भी संख्या अधिक है।
शहर में दूसरे राज्यों और अंचल के जिलों से भिखारी शहर में आ गए हैं। इस कारण हर चौराहे पर संगठित रूप से बच्चे भीख मांगते दिखते हैं। ट्रैफिक सिग्नलों पर सबसे ज्यादा भीख मांग रहे हैं।
यह दोपहर में सिग्नलों पर रहते हैं और शाम को मंदिरों पर पहुंच जाते हैं। राजस्थान से सबसे ज्यादा ऐसे परिवार आए हैं, जो भिक्षावृत्ति में लिप्त हैं। महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी डीएस जादौन का कहना है कि सभी जगह कार्रवाई के लिए जा रहे हैं।

चार जगहों पर सर्वे, श्योपुर का परिवार मिला, समझाने के बाद बच्चे सुपुर्द किए

बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत जिला प्रशासन के दल ने शुक्रवार को पड़ाव पुल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व आकाशवाणी चौराहा पर सर्वे किया। दल के सदस्यों ने फुटपाथ व खुले में निवास करने वाले परिवारों से संपर्क कर उन्हें समझाया कि वे अपने बच्चों को भिक्षावृत्ति न करने दें। बच्चों की शिक्षा व पुनर्वास में जिला प्रशासन हर संभव मदद करेगा। पड़ाव पुल क्षेत्र में 7 वर्ष व 10 वर्ष के दो बच्चे भिक्षावृत्ति करते हुए मिले। दल द्वारा पूछताछ करने पर पता चला कि इन बच्चों का परिवार श्योपुर जिले का निवासी है। दोनों बच्चों के निर्धारित प्रारूप में फॉर्म भराए गए। साथ ही इन बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बाल कल्याण समिति द्वारा उनके माता-पिता को समझाइश देकर उन्हें दोनों बच्चे सुपुर्द किए गए। माता – पिता से कहा कि वे अपने बच्चों से भिक्षावृत्ति नहीं कराएं और स्कूल में पढ़ने भेजें। अभियान में जन सहयोग के लिए एक मोबाइल नंबर 95751-46655 जारी किया है। इस मोबाइल फोन नंबर पर कोई भी व्यक्ति कार्यालयीन समय में बाल भिक्षावृत्ति के संबंध में सूचना दे सकता है।

भिक्षावृत्ति के हॉट स्पॉट

  • जिले में भिक्षावृत्ति के हॉट स्पॉट में फूलबाग चौराहा, खेड़ापति मंदिर, साईं बाबा मंदिर, मंशापूर्ण हनुमान मंदिर, अचलेश्वर मंदिर, कोटेश्वर मंदिर, जौरासी मंदिर, गोले का मंदिर, मेला ग्राउंड, रेल्वे स्टेशन, बस स्टैंड।
  • इन जगहों पर बच्चे भिक्षावृत्ति कर कर रहे हैं। भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को बाल कल्याण समिति में पेश करने के उपरांत पुनर्वास केन्द्र में पहुंचाया जाना है।
  • कोई संगठित गिरोह बच्चों से भिक्षावृत्ति तो नहीं करा रहा है। यदि ऐसी स्थिति सामने आए तो किशोर न्याय ( बालकों की देखरेख और संरक्षण ) अधिनियम तहत कार्रवाई की जाए। इस ङ्क्षबदु पर जांच की जानी है। तीन दिन के अभियान में यह तथ्य सामने नहीं आया है।

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