
judge recruitment
ग्वालियर। हाईकोर्ट ने न्यायिक सेवा में भर्ती के नए नियम लागू किए हैं। अब सिविल जज के लिए तीन साल का वकालत का अनुभव अनिवार्य कर दिया गया है। जो उम्मीदवार सिविल जज भर्ती में शामिल हो रहा है, उसके पास सनद होनी चाहिए, लेकिन सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार के लॉ में 70 फीसदी अंक है तो उसे तीन साल की वकालत के अनुभव की जरूरत नहीं है। अनुसूचित जाति व जनजाति के उम्मीदवार ने 50 फीसदी अंक अर्जित किए हैं उसे भी अनुभव प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है।
इसके अलावा सिविल जज में चयन के बाद 10 लाख रुपए का बॉन्ड भी भरना होगा। यदि पांच साल में सिविल जज की नौकरी छोड़ता है तो दस लाख रुपए जमा करने पड़ेंगे। बता दें कि जिला एवं सत्र न्यायालय में सिविल जजों की भर्ती 1994 के नियमों के तहत होती है। इन नियमों में समय पर बदलाव किया गया है।
सिविल जज परीक्षा के नियम लागू किए गए हैं। नए नियमों की अधिसूचना जारी कर दी गई है। प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा व साक्षात्कार लिया जाएगा। परीक्षा में शामिल होने वाले की उम्र 21 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार को तीन साल की छूट दी गई है। रजिस्ट्रार स्थापना संतोष कुमार शुक्ला ने आदेश जारी किए हैं।
हर साल होगी परीक्षा
● सिविल जज के पद की उपलब्धता के अनुसार परीक्षा हर साल होगी।
● भर्ती वर्ष के दौरान चयन के एक साल के भीतर नौकरी जॉइन करनी होगी।
● मुख्य परीक्षा के अंक के बाद साक्षात्कार पर विचार किया जाएगा।
ऐसे हो जाएंगे अयोग्य
● सिविल जज के लिए अयोग्यता की भी जानकारी दी गई है। विवाह के समय देना व लेना स्वीकार किया हो। फर्जी दस्तावेज या किसी परीक्षा में पकड़े गए हैं। वह उम्मीदवार सिविल जज की परीक्षा नहीं दे सकते हैं।
● किसी शासकीय सेवा से बर्खास्त किए गए हो।
● एक से अधिक जीवित पति/पत्नी रखते हों।
Updated on:
20 Sept 2023 12:12 pm
Published on:
20 Sept 2023 12:08 pm
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