
ग्वालियर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) नर्स भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में एक और खुलासा हुआ है। इसमें पुलिस सब इंस्पेक्टर के राजदार होने की बात सामने आई है। मास्टरमाइंड तरुणेश अरजरिया उर्फ गुरु ने उसका नाम लिया है। एसआइटी अब सब इंस्पेक्टर को मंदसौर से लेकर आ रही है।
पेपर लीक गैंग से ताल्लुक रखने में सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह को हिरासत में लिया है। शैलेन्द्र मास्टरमाइंड तरुणेश निवासी पन्ना और एमइएल कंपनी के कर्मचारी चिराग अग्रवाल का दोस्त है।
दोनों आरोपियों ने बताया कि पेपर लीक करने के खेल में शैलेन्द्र भी भागीदार है। पुलिस में भर्ती होने से पहले वह वन विभाग में था। तभी दोस्ती हुई और वह गैंग के साथ जुड़ गया।
एसआइ की भूमिका
एसआइटी इस बात को लेकर हैरान है कि पुलिस में होकर भी वह गैंग का राजदार क्यों बना? उसका प्लान क्या था और किन लोगों को नेटवर्क में शामिल कराया। परीक्षा में सेंध लगाने से लेकर पेपर को खरीदारों तक पहुंचाने में उसकी क्या भूमिका रही। सारा खेल जानते हुए भी सब इंस्पेक्टर चुप क्यों था। पेपर लीक कराने में उसका कितना हाथ है, उसे क्या फायदा हुआ जैसे सवालों के जवाब जानने के लिए पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
इससे पहले जो सूचना सामने आ रही थी उसके अनुसार नर्स भर्ती परीक्षा के पेपर लीक कर बदमाशों ने करोड़ों की कमाई कर ली थी। राष्ट्रीय स्वास्थ मिशन एनएचएम की संविदा नर्स भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने की गुत्थी का खुलासा होने के बाद ये सच सामने आया। पेपर लीक में परीक्षा आयोजित कराने वाली एमइएल कंपनी ही दागी निकली है। पूरे मामले का 54 दिन बाद खुलासा हो सका।
उस समय जो जानकारी सामने आई थी उसके अनुसार 7 फरवरी को नर्स भर्ती परीक्षा का पेपर लीक का मास्टरमाइंड पन्ना का चश्मा कारोबारी तरुणेश अरजरिया उर्फ गुरु है। उसने यूपी के सरगना राजीव नयन मिश्रा और पुष्कर पांडेय से 50 लाख रुपए में पेपर लीक का ठेका लिया था। दोनों गैंग तीन साल से पेपर लीक का धंधा कर रही हैं। कंपनी के तीन कर्मचारियों ने सर्वर से पेपर हैक कर चश्मा कारोबारी तरुणेश अरजरिया उर्फ गुरु को थमाया था। उसके जरिए सरगना राजीव नयन मिश्रा और पुष्कर पांडेय गिरोह ने 3 करोड़ रुपए में परीक्षार्थियों से पेपर का सौदा किया था।
Published on:
05 Apr 2023 03:45 am
