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नगरनिगम में चपरासी बनाने का ऑफर, कारपेंटर से 8 लाख ठगे

ढाई साल बाद न नौकरी मिली, न पैसा

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नगरनिगम में चपरासी बनाने का ऑफर, कारपेंटर से 8 लाख ठगे

नगरनिगम में चपरासी बनाने का ऑफर, कारपेंटर से 8 लाख ठगे

ग्वालियर। नगरनिगम में चपरासी बनाने का ऑफर देकर कारपेंटर से 8 लाख ठग लिए। जालसाजी करने वाला नगरनिगम का कर्मचारी है। कारपेंटर उसके यहां फर्नीचर का काम करने गया था। तब उसके बेटे को सरकारी नौकरी का लालच देकर जालसाज ने फंसाया। 8 लाख रू में नगरनिगम में चपरासी बनाने का ठेका लिया। फिर रकम हड़प गया।

शुभम सिंह राजपूत निवासी शिंदे की छावनी ने बताया नगरनिगम के कर्मचारी राकेश कुलश्रेष्ठ ने उसके पिता दर्शन सिंह को झूठे सपने दिखाकर 8 लाख रू ठगे हैं। राकेश नगरनिगम का रिटायर्ड कर्मचारी है। पिता दर्शन सिंह फर्नीचर का काम करते थे। राकेश ने उन्हें घर पर फर्नीचर ठीक कराने बुलाया था। तब राकेश से उनकी दोस्ती हुई। काम की वजह से राकेश का घर आना जाना भी हुआ। इसलिए पिता को उस पर भरोसा हो गया। ढाई साल पहले राकेश ने उनसे कहा बेटे को नगरनिगम में चपरासी बनाना चाहता है। उसके बदले 8 लाख रू खर्च करना पड़ेंगे। पिता राजी हो गए। कर्ज लेकर पैसा इक्टठा किया।

तीन महीने बाद मिलेगी नौकरी

शुभम ने बताया राकेश ने पिता से 8 लाख रू लेकर वादा किया। 3 महीने इंतजार करना पड़ेगा उसके बाद समझ लेना बेटा नौकरी पर आ गया। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। 3 महीने बाद पिता ने उससे संपर्क किया तो ठग ने कहा कोरोना की वजह से दुनिया लॉकडाउन हैं। नौकरियां भी बंद हैं। महामारी खत्म होने दो। नौकरी मिलेगी। फिर बहाना बनाया पैसा तो नगरनिगम कमिश्नर को दे दिया है। उनका तबादला हो गया। नया अधिकारी आएगा उससे काम करवाएंगे।

अनुबंध किए, पैसा नहीं लौटाया

नौकरी नहीं मिली तो राकेश के तकादे किए तब उसने पहले तीन लाख का अनुबंध किया। पिता को 3 चैक भी थमा दिए। फिर 5 लाख का और अनुबंध किया। उसकी बातों पर शक हुआ तो चैक बैंक में लगाए। वह बाउंस हो गए। राकेश ने नए बहाने बनाए कि वह रिटायर होने वाला है। जो पैसा मिलेगा उससे 8 लाख रू लौटाएगा। तब पुलिस से शिकायत की।

जालसाजी का केस दर्ज

नौकरी के नाम पर 8 लाख रू की ठगी का मामला सामने आया है। पीडि़त की शिकायत पर केस दर्ज किया है। आरोपी को तलाशा जा रहा है।

विवेक अष्ठाना पड़ाव टीआई